मुर्शिदाबाद (प. बंगाल): जिले के रेंजी नगर इलाके में नई मस्जिद के प्रस्तावित शिलान्यास कार्यक्रम को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है। टीएमसी के निलंबित विधायक हुमायूं कबीर द्वारा आयोजित किए जा रहे इस कार्यक्रम को रोकने की मांग पर कलकत्ता हाईकोर्ट ने हस्तक्षेप से साफ इंकार कर दिया है। अदालत ने कहा कि कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी राज्य सरकार की है, इसलिए कार्यक्रम रोकने का फैसला प्रशासन को ही लेना होगा।
जानकारी के मुताबिक, कार्यक्रम का आयोजन बाबरी मस्जिद की नींव वाली जगह से 500 मीटर दूर स्थित एक गांव में होने वाला है, जिसके बाद नई मस्जिद का शिलान्यास किया जाएगा। किसी भी अप्रिय स्थिति को रोकने के लिए बेलडांगा पुलिस स्टेशन में सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ा दी गई है और पुलिस लगातार इलाके की निगरानी कर रही है।
इस बीच उत्तर बारासात के रहने वाले मोहम्मद सफीकुल इस्लाम भी अपने तरीके से कार्यक्रम में शामिल होने की तैयारी कर रहे हैं। वह अपने सिर पर ईंटें लेकर पैदल ही निकल पड़े हैं। उनका कहना है कि वे नई मस्जिद के निर्माण में योगदान देना चाहते हैं और शिलान्यास स्थल पर ईंटें पहुंचाकर अपनी आस्था प्रकट करेंगे।
मस्जिद निर्माण को लेकर बढ़ती गतिविधियों के बीच राज्य में संभावित तनाव के मद्देनज़र राज्यपाल सी. वी. आनंद बोस ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। लोक भवन की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि किसी भी तरह की भड़काऊ अफवाह या बयान पर ध्यान न दें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना दें।
राज्यपाल ने स्थिति पर लगातार नज़र रखने के लिए 24×7 “एक्सेस प्वाइंट सेल” भी स्थापित करने के निर्देश दिए हैं। इस सेल का नेतृत्व सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी एस. के. पटनायक करेंगे। नागरिक फोन या ईमेल के जरिए सीधे संपर्क कर किसी भी घटनाक्रम की जानकारी साझा कर सकेंगे।
राज्यपाल ने विश्वास जताया कि राज्य सरकार हालात को नियंत्रित रखने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाएगी और प्रदेश में कानून-व्यवस्था बनाए रखी जाएगी।
