देहरादून: कांग्रेस से पूर्व कैबिनेट मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत का सिख समाज को लेकर दिया गया विवादित बयान अब तूल पकड़ता जा रहा है। उनका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद देहरादून के घंटाघर में सिख समाज ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। सिख समुदाय के साथ कई हिंदू संगठनों ने भी इस प्रदर्शन में हिस्सा लिया और हरक सिंह रावत का पुतला दहन किया।
विरोध कर रहे लोगों का कहना है कि हरक सिंह रावत का बयान न सिर्फ गलत है बल्कि सिख समाज का अपमान भी है। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि रावत को सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी होगी, अन्यथा विरोध और तेज किया जाएगा।
सिख समाज का बयान
बन्नू बिरादरी दशहरा कमेटी के अध्यक्ष और भाजपा नेता सरदार संतोख सिंह नागपाल ने कहा कि “हरक सिंह रावत के बयान से पूरा सिख समाज आक्रोश में है। जब तक वे खुलकर माफी नहीं मांगते, यह विरोध जारी रहेगा।”
बीजेपी अल्पसंख्यक मोर्चा का आरोप
बीजेपी अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदेश महामंत्री गुरप्रीत सिंह छाबड़ा ने कांग्रेस पर सिख समाज को केवल वोट बैंक की तरह इस्तेमाल करने का आरोप लगाते हुए कहा, “जिस कौम के कारण आज हमारा सनातन धर्म सुरक्षित है, उसी का मज़ाक उड़ाना बेहद निंदनीय है। 1984 के दंगों से लेकर आज तक कांग्रेस ने सिख समाज को केवल वोटर समझा है और उनके धार्मिक मानबिंदुओं को चोट पहुंचाने का काम किया है।”
सिख समाज ने चेतावनी दी है कि अगर जल्दी माफी नहीं मिली तो आंदोलन को राज्यभर में बढ़ाया जाएगा।
