नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली और एनसीआर में वायु प्रदूषण ने गंभीर रूप धारण कर लिया है। रविवार सुबह राजधानी की हवा इस साल की अब तक की सबसे खराब श्रेणी में दर्ज की गई। सुबह की शुरुआत घने कोहरे और धुंध से हुई, वहीं स्मॉग की मोटी परत के कारण दृश्यता बेहद कम रही। खराब हवा के कारण लोगों को सांस लेने में दिक्कत, आंखों में जलन और गले में खराश की समस्या झेलनी पड़ी। कई इलाकों में लोग मास्क पहनकर बाहर निकलते नजर आए।
एयर क्वालिटी अर्ली वार्निंग सिस्टम के अनुसार, रविवार सुबह दिल्ली का औसत एयर क्वालिटी इंडेक्स 462 दर्ज किया गया, जो ‘गंभीर प्लस’ श्रेणी में आता है। दिल्ली के कई इलाकों—आनंद विहार, अशोक विहार, रोहिणी, बवाना, जहांगीरपुरी और विवेक विहार—में AQI 490 के आसपास या उससे ऊपर दर्ज किया गया।
दिल्ली से सटे एनसीआर क्षेत्रों में भी हालात चिंताजनक बने हुए हैं। गाजियाबाद, नोएडा और गुरुग्राम के कई इलाकों में AQI 400 से ऊपर पहुंच गया, जबकि फरीदाबाद में भी कुछ क्षेत्रों में प्रदूषण का स्तर काफी खराब दर्ज किया गया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने शनिवार शाम से ग्रेप-4 लागू कर दिया है। इसके तहत ग्रेप स्टेज-1 से लेकर स्टेज-4 तक की सभी पाबंदियां राजधानी में प्रभावी होंगी।
सरकार ने एहतियाती कदम उठाते हुए स्कूलों को लेकर भी बड़ा फैसला किया है। कक्षा 9वीं तक और 11वीं के छात्रों के लिए पढ़ाई हाइब्रिड मोड में कराई जाएगी। वहीं, सभी सरकारी और निजी दफ्तर 50 फीसदी कर्मचारियों के साथ संचालित होंगे, जबकि बाकी कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम करना अनिवार्य होगा।
विशेषज्ञों के अनुसार, हवा की रफ्तार बेहद कम होने और स्थिर मौसम की वजह से प्रदूषक वातावरण में ही फंसे रहे, जिससे हालात और बिगड़ गए। सीएक्यूएम ने नागरिकों से अपील की है कि वे अनावश्यक यात्रा से बचें, सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करें और ग्रेप के नियमों का सख्ती से पालन करें।
