नई दिल्ली। राजधानी में वायु प्रदूषण का प्रकोप लगातार तीसरे दिन भी लोगों की परेशानी बढ़ाता रहा। बुधवार को हालात में हल्का सुधार जरूर देखा गया, लेकिन हवा अब भी राहत देने की स्थिति में नहीं है। सुबह के समय कई इलाकों में घना कोहरा और धुंध छाई रही, वहीं स्मॉग की परत के कारण सड़कों पर दृश्यता काफी कम हो गई।
एयर क्वालिटी अर्ली वार्निंग सिस्टम के आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक 329 दर्ज किया गया, जो ‘बहुत खराब’ श्रेणी में आता है। इससे पहले मंगलवार को यह आंकड़ा और भी ज्यादा 354 तक पहुंच गया था।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का कहना है कि आने वाले कुछ दिनों तक हालात में बड़ी राहत मिलने की संभावना नहीं है और शुक्रवार तक हवा बेहद खराब स्तर पर बनी रह सकती है। इस वजह से खासतौर पर अस्थमा, सांस और दिल के मरीजों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है।
इलाकावार स्थिति भी चिंताजनक
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार, धौला कुआं क्षेत्र में एक्यूआई 342 दर्ज किया गया, जबकि आनंद विहार में यह आंकड़ा 341 रहा। दोनों ही इलाके ‘बहुत खराब’ श्रेणी में हैं, जहां खुले में लंबे समय तक रहना स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकता है।
स्वास्थ्य पर पड़ रहा असर
विशेषज्ञों के मुताबिक, लंबे समय तक प्रदूषित हवा में सांस लेने से आंखों में जलन, खांसी, सिरदर्द और त्वचा में खुजली जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं। हवा में मौजूद बेहद बारीक कण फेफड़ों के जरिए रक्त प्रवाह में पहुंचकर हृदय, मस्तिष्क और अन्य अंगों को प्रभावित करते हैं। दिल्ली में PM2.5 और PM10 कण प्रदूषण के मुख्य कारण बने हुए हैं।
शोध यह भी बताते हैं कि वायु प्रदूषण केवल शारीरिक ही नहीं, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य पर भी नकारात्मक असर डालता है और लंबे समय में अवसाद व अन्य मानसिक विकारों का खतरा बढ़ा सकता है।
एक्यूआई की श्रेणियां
वायु गुणवत्ता सूचकांक को 0 से 50 तक ‘अच्छा’, 51 से 100 ‘संतोषजनक’, 101 से 200 ‘मध्यम’, 201 से 300 ‘खराब’, 301 से 400 ‘बहुत खराब’ और 401 से 500 ‘गंभीर’ श्रेणी में रखा जाता है।
फिलहाल राजधानीवासियों को सलाह दी जा रही है कि अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचें और स्वास्थ्य संबंधी सावधानियां अपनाएं।
