दिल्ली: दिल्ली में स्थानीय मौसमी परिस्थितियों के चलते वायु प्रदूषण का स्तर लगातार चिंताजनक बना हुआ है। हवा की रफ्तार बेहद धीमी होने के कारण प्रदूषक कण वातावरण में जमा हो गए हैं, जिससे राजधानी की हवा लगातार सातवें दिन ‘बेहद खराब’ श्रेणी में बनी हुई है। रविवार सुबह शहर के अधिकांश हिस्सों में घना कोहरा और धुंध छाई रही, वहीं स्मॉग की मोटी परत के कारण कई इलाकों में दृश्यता काफी कम दर्ज की गई।
एयर क्वालिटी अर्ली वार्निंग सिस्टम फॉर दिल्ली के मुताबिक, रविवार सुबह राजधानी का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक 366 दर्ज किया गया, जो स्वास्थ्य के लिहाज से गंभीर माना जाता है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के सुबह आठ बजे के आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली के कई इलाकों में एक्यूआई 400 के पार पहुंच गया। बवाना, आनंद विहार, जहांगीरपुरी, वजीरपुर, मुंडका और रोहिणी जैसे क्षेत्रों में प्रदूषण का स्तर बेहद खराब से भी ऊपर दर्ज किया गया।
इंडिया गेट और कर्तव्य पथ के आसपास भी धुंध की चादर छाई रही, जहां एक्यूआई ‘बहुत खराब’ श्रेणी में रिकॉर्ड किया गया। विशेषज्ञों का कहना है कि जब तक हवा की गति में सुधार नहीं होता, तब तक प्रदूषण से राहत मिलने की संभावना कम है।
सीपीसीबी के पूर्वानुमान के अनुसार, सोमवार तक राजधानी की हवा बेहद खराब श्रेणी में बनी रह सकती है। ऐसे हालात में सांस, दमा और हृदय रोग से पीड़ित लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। प्रदूषण के कारण लोगों को आंखों में जलन, गले में खराश, खांसी, सिरदर्द और सांस लेने में तकलीफ जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।
प्रदूषण पर कार्रवाई तेज, एमसीडी ने लगाए करोड़ों के चालान
वायु प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए नगर निगम (एमसीडी) ने दिसंबर माह में व्यापक अभियान चलाया। इस दौरान बायोमास जलाने, निर्माण एवं विध्वंस कचरे के अवैध निपटान और अन्य नियम उल्लंघनों पर सख्त कार्रवाई की गई। एमसीडी ने दिसंबर में कुल 54.98 लाख रुपये के चालान जारी किए हैं।
एमसीडी के अनुसार, सीएंडडी कचरे के अवैध डंपिंग से जुड़े मामलों में 7,000 से अधिक चालान काटे गए, जिनकी कुल राशि 43 लाख रुपये से अधिक है। एक से 20 दिसंबर के बीच सभी 12 जोनों में सैकड़ों निगरानी टीमों को तैनात कर निरीक्षण अभियान चलाया गया। इसके अलावा, वायु प्रदूषण फैलाने वाली 34 अवैध जींस डाइंग इकाइयों को भी सील किया गया। निर्माण गतिविधियों में नियमों के उल्लंघन पर भी लाखों रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
