फरीदाबाद। गैस कंपनी का कर्मचारी बनकर लोगों को ठगने वाले साइबर ठगों के एक गिरोह का साइबर क्राइम थाना बल्लभगढ़ की टीम ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो दिल्ली के पटेल नगर क्षेत्र में रहकर वारदातों को अंजाम दे रहे थे। आरोपियों के पास से साइबर ठगी में इस्तेमाल होने वाले बैंक खाते, सिम कार्ड और अन्य डिजिटल साक्ष्य बरामद किए गए हैं।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मध्यप्रदेश के रीवा निवासी नितेश कुमार रावत, बालेंद्र विश्वकर्मा, उत्तर प्रदेश के आगरा निवासी सलमान खान और आंध्र प्रदेश के कडपा जिले के शेख मोहम्मद रफी के रूप में हुई है। जांच में सामने आया है कि गिरोह ने अलग-अलग राज्यों में फैला नेटवर्क बना रखा था।
पुलिस के अनुसार आरोपी नितेश कुमार रावत फर्जी और करंट बैंक खाते खुलवाने का काम करता था और उनसे जुड़े मोबाइल नंबर, ई-मेल आईडी, डेबिट कार्ड और लिंक अपने पास रखता था। खातों में ठगी की रकम आने के बाद बालेंद्र विश्वकर्मा और सलमान खान अलग-अलग एटीएम से पैसे निकालकर नितेश तक पहुंचाते थे। वहीं शेख मोहम्मद रफी ठगी के लिए कॉलिंग में इस्तेमाल होने वाले सिम कार्ड उपलब्ध करवाता था।
यह मामला बल्लभगढ़ निवासी एक व्यक्ति की शिकायत पर सामने आया। पीड़ित ने पुलिस को बताया कि 13 अक्तूबर 2025 को उसके पास एक कॉल आई, जिसमें कॉलर ने खुद को अडानी गैस कंपनी का कर्मचारी बताया और गैस बिल बकाया होने की बात कही। इसके बाद पीड़ित को एक लिंक भेजकर मात्र 12 रुपये का भुगतान करने को कहा गया। जैसे ही लिंक के जरिए भुगतान किया गया, पीड़ित के बैंक खाते से अलग-अलग ट्रांजेक्शन में करीब 6.94 लाख रुपये निकल गए। पुलिस प्रवक्ता यशपाल सिंह ने बताया कि आरोपियों से गहन पूछताछ की जा रही है।
