Digital Arrest In Meerut: मेरठ में साइबर ठगी का एक भावनात्मक और चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां ठगों ने एक बुजुर्ग मां की ममता को हथियार बनाकर 30 लाख रुपये ठगने की कोशिश की। ब्रह्मपुरी थाना क्षेत्र के आराध्या हाइट्स में रहने वाली 64 वर्षीय सुदेश देवी को साइबर अपराधियों ने तीन दिन तक मानसिक दबाव में रखा और तथाकथित “डिजिटल अरेस्ट” कर लिया।
जालसाजों ने खुद को पुलिस अधिकारी बताकर दावा किया कि बेंगलुरु में आईटी कंपनी में काम करने वाला उनका बेटा ड्रग तस्करी के मामले में फंस गया है। बेटे को जेल जाने से बचाने के नाम पर ठगों ने सुदेश देवी से 30 लाख रुपये की मांग की। डर और घबराहट में बुजुर्ग महिला ने अपनी जीवनभर की जमा पूंजी ठगों के बताए खाते में ट्रांसफर कर दी।
घटना 14 जनवरी से शुरू हुई, जब महिला को व्हाट्सएप कॉल आया। कॉल करने वाले ने सख्त लहजे में बात करते हुए न सिर्फ पैसे की मांग की, बल्कि किसी से संपर्क न करने और घर से बाहर न निकलने का दबाव भी बनाया। मकर संक्रांति की छुट्टी के कारण बैंक बंद थे, जिससे महिला और ज्यादा डर में आ गई। अगले दिन बैंक खुलते ही उसने आरटीजीएस के जरिए पूरी रकम भेज दी।
हालांकि, किस्मत ने उस वक्त साथ दिया जब बैंक से निकलते ही महिला के बेटे का फोन आ गया। बेटे से सच्चाई पता चलते ही सुदेश देवी को ठगी का अहसास हुआ और उन्होंने तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 पर कॉल किया। सूचना मिलते ही ब्रह्मपुरी पुलिस और साइबर टीम सक्रिय हुई और ट्रांजेक्शन पूरी तरह क्लियर होने से पहले ही रकम को फ्रीज करा दिया।
