आगरा: सोशल मीडिया पर बढ़ती सक्रियता लोगों के लिए खतरा भी बनती जा रही है। फोटो, वीडियो और रोजमर्रा की गतिविधियों की जानकारी साझा करना साइबर अपराधियों को अवसर दे रहा है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से ठग लोगों की नकली तस्वीर और आवाज तैयार कर उनके परिजनों से पैसे ऐंठ रहे हैं। इस खतरे को लेकर एसीपी डॉ. सुकन्या शर्मा ने छात्रों को सतर्क रहने की सलाह दी।
यह बातें उन्होंने अमर उजाला फाउंडेशन के सहयोग से राजकीय इंटर कॉलेज में आयोजित पुलिस की पाठशाला कार्यक्रम के दौरान कहीं। उन्होंने छात्रों से कहा कि सोशल मीडिया का सीमित और सोच-समझकर उपयोग करें तथा निजी जानकारी सार्वजनिक प्लेटफॉर्म पर साझा करने से बचें।
एसीपी ने बताया कि आजकल बच्चे और युवा मोबाइल पर वीडियो देखने में अधिक समय बर्बाद कर रहे हैं, जिससे न तो ज्ञान बढ़ता है और न ही भविष्य को लेकर कोई दिशा मिलती है। सोशल मीडिया का इस्तेमाल मनोरंजन के बजाय जानकारी और सीखने के लिए किया जाना चाहिए।
उन्होंने पुलिस से सहायता लेने की प्रक्रिया भी समझाई। कहा कि घर, स्कूल या रास्ते में किसी भी तरह की परेशानी होने पर तुरंत 112 पर कॉल करें। वहीं साइबर ठगी की स्थिति में 1930 हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराएं। उन्होंने बताया कि जितनी जल्दी शिकायत की जाएगी, उतनी ही ठगी की रकम वापस मिलने की संभावना बढ़ जाती है।
कार्यक्रम के दौरान यातायात नियमों की अहमियत पर भी जोर दिया गया। एसीपी ने कहा कि रेड लाइट तोड़ना, सीट बेल्ट न लगाना और हेलमेट न पहनना न सिर्फ कानून का उल्लंघन है, बल्कि जान के लिए भी खतरनाक है। सुरक्षित वाहन संचालन के लिए नियमों का पालन जरूरी है।
छात्रों को संबोधित करते हुए उन्होंने अखबार पढ़ने की उपयोगिता भी बताई। कहा कि अखबार देश-दुनिया की सटीक और तथ्यात्मक जानकारी का सबसे विश्वसनीय माध्यम है। सोशल मीडिया पर मिलने वाली कई जानकारियां भ्रामक हो सकती हैं, जबकि अखबार में खबरें पूरी जांच-पड़ताल के बाद प्रकाशित होती हैं। नियमित अखबार पढ़ने से सामान्य ज्ञान बढ़ता है और प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता के रास्ते खुलते हैं।
