ग्रेटर नोएडा- ग्रेटर नोएडा के बीटा-2 थाना क्षेत्र में एक निजी डायग्नोस्टिक सेंटर में जांच के दौरान छह वर्षीय बालक की मौत से हड़कंप मच गया। घटना सेक्टर पी-3 स्थित एक एमआरआई लैब की बताई जा रही है, जहां बच्चे को दिमाग की जांच के लिए लाया गया था।
परिजनों के अनुसार, बच्चे को पहले से दौरे की समस्या थी और उसका इलाज चल रहा था। चिकित्सकीय सलाह पर एमआरआई कराने के लिए उसे लैब ले जाया गया। आरोप है कि जांच से पहले बेहोशी की दवा दी गई और कुछ देर बाद दोबारा दवा देने के बाद उसकी हालत बिगड़ गई। जांच पूरी होने के बाद भी जब बच्चा होश में नहीं आया तो उसे पास के अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
घटना की जानकारी मिलते ही परिजन और स्थानीय लोग आक्रोशित हो गए। लैब के बाहर जमकर विरोध प्रदर्शन किया गया और कार्रवाई की मांग को लेकर धरना दिया गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने स्थिति संभाली और जांच का आश्वासन दिया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने लैब से जुड़े दो लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। बच्चे के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है ताकि मौत के सही कारणों का पता चल सके। स्वास्थ्य विभाग ने भी पूरे प्रकरण की जांच शुरू कर दी है और रिपोर्ट आने तक लैब को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है।
परिवार ने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। बताया जा रहा है कि घर में शादी का कार्यक्रम भी था, लेकिन इस हादसे के बाद खुशियां मातम में बदल गईं। प्रशासन का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
