TamilNadu News: तमिलनाडु में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मी तेज हो गई है। सभी दल चुनावी मैदान में उतरने से पहले रणनीति बनाने में जुट गए हैं। इसी बीच विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कझगम (टीवीके) ने सलेम जिले के सीलनायक्कनपट्टी में एक विशाल जनसभा आयोजित कर शक्ति प्रदर्शन किया।
सभा को संबोधित करते हुए विजय ने सत्तारूढ़ द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) सरकार पर तीखे प्रहार किए। उन्होंने कहा कि वोट किसी की खरीद-फरोख्त की वस्तु नहीं है और जनता को अपने अधिकार का प्रयोग सोच-समझकर करना चाहिए। उन्होंने मंच से समर्थकों को शपथ दिलाते हुए कहा कि उनका वोट केवल ‘सीटी’ चुनाव चिन्ह के लिए है।
“एसओपी का मतलब स्टालिन ऑपरेटिंग प्रोसीजर”
विजय ने मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन पर व्यंग्य करते हुए कहा कि उनके लिए एसओपी का अर्थ “स्टालिन ऑपरेटिंग प्रोसीजर” है। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव नजदीक आते ही योजनाओं के तहत धनराशि जल्दबाजी में जारी की जा रही है।
उन्होंने ‘कलैग्नर महिला अधिकार योजना’ के तहत किस्त की तिथि में बदलाव और ₹2000 के ‘समर स्पेशल पैकेज’ पर सवाल उठाए। विजय का कहना था कि यदि सरकार वास्तव में जनहित में काम कर रही है तो फिर चुनावी समय में अतिरिक्त घोषणाओं की जरूरत क्यों पड़ी?
महिलाओं के समर्थन का दावा
विजय ने दावा किया कि उनकी पार्टी को महिलाओं का व्यापक समर्थन मिल रहा है और इसी कारण डीएमके घबराई हुई है। उन्होंने कहा कि जनता का समर्थन ही उनकी असली ताकत है और अब टीवीके को प्रमुख राजनीतिक चुनौती के रूप में देखा जा रहा है।
स्टालिन की प्रतिक्रिया और सरकारी पक्ष
दूसरी ओर मुख्यमंत्री स्टालिन ने स्पष्ट किया कि महिला अधिकार योजना के तहत फरवरी, मार्च और अप्रैल की अग्रिम किस्त के साथ अतिरिक्त सहायता राशि जारी की गई है, ताकि लाभार्थियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। सरकार के मुताबिक 1.31 करोड़ महिलाओं के खातों में कुल ₹5000 की राशि डाली गई है।
स्टालिन ने यह भी भरोसा दिलाया कि यदि उनकी सरकार दोबारा सत्ता में आती है तो “ड्रविड़ियन मॉडल 2.0” के तहत मासिक सहायता ₹1000 से बढ़ाकर ₹2000 की जाएगी।
चुनावी तस्वीर
234 सदस्यीय तमिलनाडु विधानसभा के चुनाव 2026 की पहली छमाही में संभावित हैं। पिछली बार 2021 में डीएमके ने 133 सीटें जीतकर सरकार बनाई थी। अब जैसे-जैसे चुनाव नजदीक आ रहे हैं, राज्य की राजनीति और अधिक गर्म होती दिख रही है।
