नई दिल्ली: भारतीय रेलवे यात्रियों की सुविधा को और बेहतर बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रहा है। प्रस्तावित बदलाव के तहत अब यात्री ट्रेन का रिजर्वेशन चार्ट तैयार होने से ठीक पहले तक अपना बोर्डिंग स्टेशन बदल सकेंगे। इस संबंध में भारतीय रेलवे ने प्रक्रिया को सरल बनाने की तैयारी शुरू कर दी है।
रेलवे बोर्ड के निदेशक (पैसेंजर मार्केटिंग-2) ने इस व्यवस्था की तकनीकी व्यवहार्यता जांचने के लिए Centre for Railway Information Systems (सीआरआईएस) को निर्देश जारी किए हैं। सीआरआईएस को यह आकलन करना है कि डिजिटल सिस्टम में यह सुविधा किस प्रकार लागू की जा सकती है।
क्या होगा नया बदलाव?
अक्सर ऐसा होता है कि कंफर्म टिकट बुक करने के बाद यात्रियों की यात्रा योजना बदल जाती है। मौजूदा नियमों के तहत बोर्डिंग स्टेशन बदलने की समय सीमा सीमित है, जिससे कई यात्रियों को टिकट रद्द करने या अतिरिक्त झंझट झेलने पड़ते हैं।
प्रस्ताव के अनुसार:
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सामान्य ट्रेनों में यात्री चार्ट बनने से लगभग 30 मिनट पहले तक बोर्डिंग स्टेशन बदल सकेंगे।
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प्रीमियम ट्रेनों जैसे वंदे भारत एक्सप्रेस में यह सुविधा ट्रेन रवाना होने या चार्ट तैयार होने से लगभग 15 मिनट पहले तक मिल सकती है।
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यात्रियों को क्या होगा फायदा?
नई व्यवस्था लागू होने पर यात्रियों को टिकट रद्द करने की जरूरत कम पड़ेगी। वे उसी रूट के किसी अन्य स्टेशन से ट्रेन पकड़ने के लिए अंतिम समय तक विकल्प चुन सकेंगे। इससे सीट प्रबंधन भी बेहतर होगा और खाली सीटों का उपयोग अधिक प्रभावी तरीके से किया जा सकेगा।
रेलवे बोर्ड ने अपने पत्र में कमर्शियल सर्कुलर नंबर 17 ऑफ 2019 का भी उल्लेख किया है, जिसके तहत बोर्डिंग स्टेशन बदलने की अनुमति पहले से है, लेकिन प्रस्तावित बदलाव से इसकी समय-सीमा अधिक लचीली हो सकती है।
फिलहाल यह प्रस्ताव विचाराधीन है और सीआरआईएस की तकनीकी रिपोर्ट के बाद ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा। मंजूरी मिलने पर इस नई सुविधा को आधिकारिक रूप से लागू किया जाएगा। अगर यह नियम लागू होता है, तो लाखों यात्रियों के लिए यात्रा योजना बनाना पहले से अधिक आसान और सुविधाजनक हो जाएगा।
