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फर्जी हस्ताक्षर कर जॉइंट अकाउंट से निकाले 30 लाख, बैंक मैनेजर की भूमिका भी जांच के घेरे में

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गाजियाबाद। निवेश के नाम पर लाखों रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। मोदीनगर क्षेत्र के शाहजहांपुर निवासी एक कारोबारी की शिकायत पर पुलिस ने पंजाब स्थित एक इंफ्रा कंपनी के डायरेक्टर, बैंक मैनेजर और कुछ कर्मचारियों के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया है।

पुलिस के मुताबिक शिकायतकर्ता जय कुमार ने बताया कि करीब चार साल पहले उन्होंने व्यापारिक साझेदारी के उद्देश्य से पंजाब के अमृतसर में स्थित समर इंफ्रा कंपनी में करीब 52.68 लाख रुपये ट्रांसफर किए थे। कंपनी के डायरेक्टर महेंद्र सिंह ने उस समय लेन-देन का विवरण व्हाट्सएप के माध्यम से भी साझा किया था।

जय कुमार का आरोप है कि जब उन्होंने निवेश की गई राशि वापस मांगी तो कंपनी की ओर से कारोबार में घाटा होने का हवाला दिया गया और दिसंबर 2023 तक भुगतान करने का आश्वासन दिया गया। बाद में दोनों पक्षों के बीच समझौता हुआ कि कंपनी का एक जॉइंट बैंक अकाउंट आरडीसी राजनगर स्थित बैंक में खोला जाएगा, जिसमें बिना उनकी सहमति के कोई भी रकम नहीं निकाली जाएगी और खाते में नेट बैंकिंग की सुविधा भी नहीं होगी।

शिकायतकर्ता के अनुसार बाद में उन्हें जानकारी मिली कि एक अन्य कंपनी ने समर इंफ्रा कंपनी के खाते में करीब 1.32 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए हैं। जब वह अपने साझेदारों के साथ बैंक पहुंचकर रकम निकालने गए तो पता चला कि खाते से करीब 30.20 लाख रुपये पहले ही अन्य खातों में ट्रांसफर किए जा चुके हैं।

जय कुमार का आरोप है कि आरोपियों ने फर्जी हस्ताक्षर कर खाते में नेट बैंकिंग सुविधा सक्रिय कराई और रकम को अन्य खातों में स्थानांतरित कर दिया। इस संबंध में जब बैंक मैनेजर से जवाब मांगा गया तो संतोषजनक जानकारी नहीं दी गई।

एसीपी कविनगर सूर्यबली मौर्य ने बताया कि शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है और पूरे प्रकरण की जांच की जा रही है।

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