देहरादून – देहरादून एयरपोर्ट पर फूड एंड बेवरेज संचालन को लेकर चल रहे विवाद में उत्तराखंड हाईकोर्ट ने अहम फैसला सुनाते हुए मनीष टैक्सी सर्विस की याचिकाएं खारिज कर दीं। यह निर्णय मुख्य न्यायाधीश मनोज कुमार गुप्ता और न्यायमूर्ति सुभाष उपाध्याय की खंडपीठ ने दिया।
मामला एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया द्वारा फूड आउटलेट संचालन के लिए किए गए कंसेशन एग्रीमेंट से जुड़ा था। कंपनी को तय अवधि के लिए यह जिम्मेदारी सौंपी गई थी, लेकिन बाद में भुगतान और शर्तों के पालन को लेकर विवाद खड़ा हो गया। एएआई का कहना था कि समय पर लाइसेंस शुल्क जमा नहीं किया गया, जिसके चलते कई नोटिस जारी किए गए और अंततः अनुबंध समाप्त कर दिया गया।
याचिकाकर्ता ने इस कार्रवाई को गलत बताते हुए अदालत का दरवाजा खटखटाया और टेंडर प्रक्रिया पर रोक लगाने की मांग की। हालांकि सुनवाई के दौरान कोर्ट ने माना कि यह मामला पूरी तरह अनुबंध से जुड़ा है, जिसका समाधान एग्रीमेंट में तय मध्यस्थता प्रक्रिया के जरिए किया जाना चाहिए।
अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि संबंधित पक्ष पहले ही आर्बिट्रेशन और अन्य न्यायिक मंचों पर जा चुके हैं, इसलिए इस स्तर पर हस्तक्षेप जरूरी नहीं है। कोर्ट ने यह कहते हुए याचिकाएं खारिज कर दीं कि याचिकाकर्ता उचित मंच पर अपनी बात रख सकते हैं और यह आदेश मामले के अंतिम निर्णय के रूप में नहीं देखा जाएगा।
