नई दिल्ली: पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने प्रवासी मजदूरों को राहत देते हुए 5 किलो वाले ‘फ्री ट्रेड एलपीजी’ (FTL) गैस सिलिंडरों के दैनिक आवंटन को दोगुना करने का फैसला किया है। इस कदम का उद्देश्य शहरी क्षेत्रों में काम करने वाले लाखों श्रमिकों को सस्ती और आसान गैस उपलब्ध कराना है।
सरकार ने कहा कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों को देखते हुए देश में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की पर्याप्त आपूर्ति बनाए रखने के लिए कई स्तरों पर कदम उठाए जा रहे हैं।
वितरण व्यवस्था में बदलाव
नई व्यवस्था के तहत अतिरिक्त सिलिंडर सीधे राज्य सरकारों और उनके खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभागों को उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके बाद तेल विपणन कंपनियों की मदद से इनका वितरण विशेष रूप से प्रवासी मजदूरों तक सुनिश्चित किया जाएगा।
मांग और आपूर्ति संतुलन के उपाय
एलपीजी की बढ़ती मांग को नियंत्रित करने के लिए सरकार ने कई अहम फैसले लिए हैं:
- रिफाइनरियों का उत्पादन बढ़ाया गया है
- गैस बुकिंग के अंतराल को शहरी क्षेत्रों में 25 दिन और ग्रामीण क्षेत्रों में 45 दिन किया गया है
- वैकल्पिक ईंधन जैसे मिट्टी का तेल और कोयले की उपलब्धता बढ़ाई गई है
- सभी राज्यों को पीएनजी नेटवर्क तेजी से विस्तार करने के निर्देश दिए गए हैं
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि घरेलू उपभोक्ताओं के साथ-साथ अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों को प्राथमिकता दी जाएगी।
डिजिटल बुकिंग पर जोर
सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि वे गैस बुकिंग के लिए डिजिटल माध्यमों का उपयोग करें और अनावश्यक भीड़ से बचें। साथ ही, घबराहट में अधिक खरीदारी न करने की सलाह भी दी गई है।
ताजा आंकड़ों के अनुसार, हाल ही में करीब 51 लाख एलपीजी सिलिंडरों की डिलीवरी की गई है और ऑनलाइन बुकिंग का आंकड़ा बढ़कर 95% तक पहुंच गया है। कालाबाजारी रोकने के लिए ‘डिलीवरी ऑथेंटिकेशन’ प्रणाली को सख्ती से लागू किया गया है।
