दिल्ली- अप्रैल के मध्य में देशभर का मौसम दो अलग-अलग चरम स्थितियों का सामना कर रहा है। जहां एक ओर पश्चिमी विक्षोभ के असर से पहाड़ी राज्यों में मौसम ने करवट ली है, वहीं दूसरी ओर मैदानी इलाकों में भीषण गर्मी लोगों को परेशान कर रही है। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में देश के विभिन्न हिस्सों में अलग-अलग तरह की मौसमी गतिविधियां जारी रहेंगी।
पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों—जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और हिमाचल प्रदेश—में 19 अप्रैल तक बारिश और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी की संभावना जताई गई है। इस दौरान तेज हवाएं चल सकती हैं और कई जगहों पर गरज-चमक के साथ ओलावृष्टि भी हो सकती है। खासतौर पर 17 अप्रैल को कुछ क्षेत्रों में ओले गिरने की चेतावनी जारी की गई है, जिससे फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका है।
वहीं, दिल्ली-एनसीआर और उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में गर्मी लगातार बढ़ती जा रही है। तापमान 39 से 41 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है, जो सामान्य से अधिक है। तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण दोपहर में बाहर निकलना मुश्किल हो रहा है। आने वाले दिनों में लू जैसी स्थिति और गंभीर हो सकती है।
पूर्वोत्तर भारत में भी मौसम अस्थिर बना हुआ है। असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, सिक्किम और त्रिपुरा में 19 अप्रैल तक बारिश, आंधी और तेज हवाओं का दौर जारी रहने की संभावना है। वहीं अरुणाचल प्रदेश में बिजली गिरने का खतरा भी बना हुआ है।
इसके अलावा पूर्वी भारत के पश्चिम बंगाल और ओडिशा में भी मौसम तेजी से बदल रहा है। यहां गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाएं चल सकती हैं। खासतौर पर पश्चिम बंगाल के कुछ इलाकों में 50 से 70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी आने की संभावना है, जिससे जनजीवन प्रभावित हो सकता है।
