नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट आज ममता बनर्जी से जुड़े एक अहम मामले में सुनवाई करेगा। यह मामला प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की उस याचिका से संबंधित है, जिसमें मुख्यमंत्री पर जांच में हस्तक्षेप करने का आरोप लगाया गया है।
ईडी का दावा है कि जनवरी में I-PAC के ठिकानों पर छापेमारी के दौरान ममता बनर्जी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचीं और जांच प्रक्रिया को प्रभावित किया। एजेंसी के अनुसार, इस दौरान इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस और महत्वपूर्ण दस्तावेज हटाए गए, जिससे जांच में बाधा उत्पन्न हुई।
यह पूरा मामला कथित कोयला तस्करी और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा है, जिसकी जांच ईडी कर रही है। पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने इस घटना को “असामान्य” बताते हुए चिंता जताई थी कि यदि संवैधानिक पद पर बैठे लोग जांच में हस्तक्षेप करें तो स्थिति गंभीर हो सकती है।
ईडी की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने मामले की जांच सीबीआई से कराने और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। वहीं, राज्य सरकार की ओर से वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल और अभिषेक मनु सिंघवी ने याचिका की वैधता पर सवाल उठाए हैं।
राज्य सरकार का कहना है कि ईडी अनुच्छेद 32 के तहत सीधे सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल नहीं कर सकती और यह कार्रवाई राजनीतिक उद्देश्य से प्रेरित है। इसी बीच, मामले से जुड़े I-PAC के एक सह-संस्थापक की गिरफ्तारी के बाद संगठन ने अपनी गतिविधियां सीमित कर दी हैं।
