हरिद्वार- धर्मनगरी हरिद्वार में आगामी कुंभ मेले की तैयारियों के बीच कुछ ऐसी घटनाएं सामने आई हैं, जिन्होंने धार्मिक मर्यादाओं और प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पवित्र गंगा घाटों पर नियमों की खुलेआम अनदेखी से श्रद्धालुओं और धार्मिक संगठनों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
हाल ही में हर की पैड़ी क्षेत्र में एक महिला द्वारा अपने पालतू कुत्ते को गंगा में नहलाने का मामला सामने आया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मौके पर मौजूद लोगों और व्यवस्थापकों ने इसका विरोध भी किया, लेकिन महिला ने चेतावनी भरे लहजे में बात करते हुए अपनी हरकत जारी रखी। इस दौरान किसी प्रशासनिक हस्तक्षेप की कमी भी महसूस की गई।
इसी तरह, गंग नहर के एक हिस्से में कुछ युवकों द्वारा डंडों से मछलियां मारने की घटना भी सामने आई है। बताया जा रहा है कि यह युवक खुलेआम इस गतिविधि को अंजाम दे रहे थे। स्थानीय लोगों ने उन्हें रोकने का प्रयास किया, लेकिन युवकों ने उल्टा उन्हें डांटकर भगा दिया। इस घटना को भी धार्मिक आस्था के खिलाफ माना जा रहा है।
धार्मिक संगठनों का कहना है कि हरिद्वार एक पवित्र स्थल है, जहां इस तरह की गतिविधियां न केवल आस्था को ठेस पहुंचाती हैं, बल्कि शहर की गरिमा को भी प्रभावित करती हैं। संगठनों ने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे मामलों में सख्ती दिखाई जाए और कुंभ मेले से पहले व्यवस्था को दुरुस्त किया जाए।
इस पूरे मामले पर कुछ संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो कुंभ के दौरान विरोध प्रदर्शन किया जा सकता है। उनका कहना है कि धार्मिक भावनाओं से जुड़े मुद्दों को नजरअंदाज करना भविष्य में बड़ी समस्या बन सकता है।