नई दिल्ली। सप्ताह के पहले कारोबारी दिन घरेलू शेयर बाजार ने सकारात्मक शुरुआत की। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स करीब 206 अंकों की बढ़त के साथ 74,981.90 के स्तर पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी 42.65 अंक चढ़कर 23,604.80 पर कारोबार करता दिखाई दिया।
वैश्विक स्तर पर अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम की संभावनाओं से निवेशकों का भरोसा मजबूत हुआ है। इससे मध्य पूर्व में तनाव कम होने और तेल आपूर्ति से जुड़े जोखिम घटने की उम्मीद बढ़ी है, जिसका असर भारतीय बाजार पर भी देखने को मिला।
हालांकि बाजार में तेजी के बावजूद निवेशकों के बीच सतर्कता बनी हुई है। शुरुआती कारोबार के दौरान रुपया डॉलर के मुकाबले 9 पैसे कमजोर होकर 94.94 पर पहुंच गया।
पिछले कारोबारी सत्र में आई भारी गिरावट के बाद सोमवार को बाजार में अच्छी रिकवरी दर्ज की गई। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में करीब 0.5 फीसदी की मजबूती देखने को मिली। वहीं बाजार की अस्थिरता को दर्शाने वाला इंडिया VIX भी 3 फीसदी से ज्यादा फिसलकर 15.64 पर आ गया, जिससे निवेशकों की चिंता कुछ कम हुई है।
कंपनी शेयरों की बात करें तो मजबूत तिमाही नतीजों के बाद इंडिगो के शेयरों में 4.5 फीसदी से अधिक की तेजी दर्ज की गई। इसके अलावा इंफोसिस, टीसीएस, टेक महिंद्रा, रिलायंस इंडस्ट्रीज और एशियन पेंट्स के शेयरों में भी खरीदारी देखने को मिली। दूसरी ओर एनटीपीसी, कोटक महिंद्रा बैंक और एक्सिस बैंक के शेयर दबाव में रहे।
सेक्टोरल इंडेक्स में आईटी सेक्टर सबसे आगे रहा और निफ्टी आईटी इंडेक्स में 2 फीसदी से ज्यादा की बढ़त दर्ज की गई। वहीं एफएमसीजी और निजी बैंकिंग शेयरों में हल्की कमजोरी देखी गई। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी निवेशकों की रुचि बनी रही, जिससे व्यापक बाजार को समर्थन मिला।
हालांकि विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) की बिकवाली बाजार के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। शुक्रवार को विदेशी निवेशकों ने भारतीय शेयर बाजार से 21 हजार करोड़ रुपये से अधिक की निकासी की थी, जो मई महीने की सबसे बड़ी एकदिवसीय बिकवाली मानी जा रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि लार्जकैप शेयरों में वैल्यूएशन अब आकर्षक स्तर पर पहुंच रहे हैं और बैंकिंग सेक्टर में निवेश के अवसर बन सकते हैं। इस सप्ताह निवेशकों की नजर ऑटो कंपनियों के बिक्री आंकड़ों और 5 जून को होने वाली आरबीआई की मौद्रिक नीति बैठक पर रहेगी, जो बाजार की अगली दिशा तय कर सकती है।