नई दिल्ली। NEET-UG पेपर लीक मामले में जांच एजेंसियों की कार्रवाई जारी है। मामले से जुड़े तीन आरोपियों को सोमवार को दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में पेश किया गया, जहां अदालत ने उन्हें 15 जून तक न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया। आरोपियों को उनकी पुलिस रिमांड अवधि समाप्त होने के बाद कोर्ट में पेश किया गया था।
जांच एजेंसियां पेपर लीक नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी पड़ताल कर रही हैं। मामले को लेकर देशभर में छात्रों और अभिभावकों के बीच चिंता बनी हुई है, जबकि जांच का दायरा लगातार बढ़ाया जा रहा है।
इसी बीच, NEET-UG 2026 री-एग्जाम को लेकर दाखिल याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कंप्यूटर आधारित परीक्षा (CBT) फॉर्मेट में टेस्ट कराने की मांग को स्वीकार करने से इनकार कर दिया। याचिकाकर्ताओं ने मांग की थी कि पुनर्परीक्षा पारंपरिक पेन-एंड-पेपर मोड के बजाय CBT मोड में आयोजित कराई जाए।
जस्टिस पी.एस. नरसिम्हा और जस्टिस अरविंद कुमार की पीठ ने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) को इस संबंध में कोई निर्देश देने से मना कर दिया। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई जुलाई तक के लिए स्थगित कर दी है।
सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद यह लगभग स्पष्ट हो गया है कि 21 जून को प्रस्तावित NEET-UG री-एग्जाम पहले से निर्धारित पेन-एंड-पेपर प्रारूप में ही आयोजित किया जाएगा। फिलहाल अभ्यर्थियों को परीक्षा के स्वरूप में किसी बदलाव की उम्मीद नहीं है।