साहिबगंज (झारखंड): भारत-बांग्लादेश सीमा के करीब स्थित झारखंड के साहिबगंज जिले में जाली नोटों (फेक करेंसी) का नेटवर्क एक बार फिर सक्रिय होता दिख रहा है। राजमहल थाना पुलिस ने शनिवार शाम एक गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए डेढ़गामा इलाके से जाली नोट खपाने की कोशिश कर रहे एक व्यक्ति को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से २०० रुपये के १४ जाली नोट (कुल मूल्य २,८०० रुपये) जब्त किए हैं।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान डेढ़गामा निवासी ४२ वर्षीय संतोष मंडल के रूप में हुई है। पुलिस की कड़ाई से की गई पूछताछ में आरोपी ने कबूल किया कि वह इस अवैध धंधे में शामिल है। उसने खुलासा किया कि बरामद किए गए नकली नोट उसे टपुआ निवासी आनंदो मंडल ने बाजार में चलाने के लिए दिए थे। मुख्य आरोपी का नाम सामने आते ही पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी की, लेकिन वह भागने में सफल रहा। फिलहाल पुलिस आनंदो मंडल की तलाश में लगातार दबिश दे रही है।
साहिबगंज जिला अपनी भौगोलिक स्थिति और बांग्लादेश से निकटता के कारण लंबे समय से जाली नोटों के तस्करों के निशाने पर रहा है। पुलिस के अनुसार, सीमा पार से चोरी-छिपे नकली नोटों की खेप पहुंचना यहां एक बड़ी चुनौती है, जिस पर सुरक्षा एजेंसियां नजर रखती हैं। पुलिस ने इस मामले में संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली है। संतोष मंडल की गिरफ्तारी को इस रैकेट के बड़े नेटवर्क को खंगालने की दिशा में एक अहम कड़ी माना जा रहा है।