गाजियाबाद: गाजियाबाद की हवा लगातार लोगों के स्वास्थ्य के लिए खतरनाक होती जा रही है। मंगलवार को शहर का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 325 दर्ज किया गया, जिससे यह देश का तीसरा सबसे प्रदूषित शहर बन गया। वायु गुणवत्ता में मामूली सुधार के बावजूद हालात चिंताजनक हैं। लोनी की हवा सबसे अधिक जहरीली दर्ज की गई और यह गंभीर श्रेणी के करीब पहुंच चुकी है।
हर दिन प्रदूषण का स्तर “खराब” से “बेहद खराब” श्रेणी की ओर बढ़ रहा है। अधिकारियों द्वारा प्रदूषण नियंत्रण के प्रयासों के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर इनका प्रभाव नज़र नहीं आ रहा है।
लोनी और वसुंधरा में सबसे खराब हवा
दिल्ली-एनसीआर में गाजियाबाद प्रदूषण के मामले में पहले स्थान पर बना हुआ है, जबकि देशभर में तीसरे स्थान पर है। जिले के चारों मॉनिटरिंग स्टेशनों पर हवा खराब श्रेणी में दर्ज की गई। मंगलवार को लोनी का एक्यूआई 383 और वसुंधरा का 328 दर्ज किया गया। 11 अक्तूबर से हवा में जहर घुलना शुरू हुआ था, लेकिन सुधार कार्यों के दावे अब तक असरदार साबित नहीं हुए हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि लोग बिना मास्क के घर से बाहर न निकलें। खासकर बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं को अनावश्यक रूप से बाहर जाने से बचने की सलाह दी गई है। प्रदूषित हवा में सांस लेने से सांस संबंधी दिक्कतें बढ़ सकती हैं।
फैक्टरियों को खुद करना होगा धूल नियंत्रण
उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (UPPCB) ने उद्योगों और यूपीसीडा को निर्देश दिए हैं कि वे अपने परिसरों और आसपास के क्षेत्रों में धूल उड़ने से रोकथाम के लिए खुद छिड़काव करें।
क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी अंकित सिंह ने बताया कि निरीक्षण के दौरान यदि कहीं भी प्रदूषण अधिक पाया जाता है तो संबंधित इकाई के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने सोमवार को औद्योगिक क्षेत्र साइट-4 का निरीक्षण कर उद्यमियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि नियमित रूप से पानी का छिड़काव करें। हाल ही में लोनी के औद्योगिक क्षेत्रों में नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई भी की गई थी।
आरडब्ल्यूए ने उठाई प्रदूषण रोकथाम की मांग
शहर की लगातार बिगड़ती वायु गुणवत्ता को देखते हुए मंगलवार को कंफेडरेशन ऑफ आरडब्ल्यूए की एक टीम ने प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी से मुलाकात की।
फेडरेशन चेयरमैन कर्नल तेजेंद्र पाल त्यागी ने सुझाव दिया कि हर माह एक दिन ‘नो व्हीकल डे’ मनाया जाए। साथ ही, मेट्रो पिलर्स और फ्लाईओवर पिलर्स पर वर्टिकल गार्डनिंग की जाए। उन्होंने हिंडन श्मशान घाट पर केवल ‘मोक्षदा प्रणाली’ से शवदाह करने का प्रस्ताव भी रखा। अधिकारी अंकित सिंह ने सभी सुझावों को आगामी प्रशासनिक बैठक में रखने का आश्वासन दिया।
नगर निगम ने शुरू किया वाटर स्प्रिंकलिंग अभियान
लगातार बढ़ते प्रदूषण स्तर को देखते हुए नगर निगम ने शहरभर में पानी के छिड़काव का अभियान शुरू किया है। करीब दस वाटर स्प्रिंकलर गाड़ियों को तैनात किया गया है— जिनमें से छह मोहन नगर और चार वसुंधरा क्षेत्र में काम कर रही हैं।
नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिथिलेश ने बताया कि वायु प्रदूषण घटाने के लिए निगम की टीमें अलग-अलग इलाकों में लगातार छिड़काव कर रही हैं।
शहर के चारों स्टेशनों पर एक्यूआई स्तर
लोनी: 383
वसुंधरा: 335
इंदिरापुरम: 291
संजयनगर: 290
