Sabarimala Temple Prasad Controversy: केरल हाईकोर्ट ने सबरीमला मंदिर में प्रसाद की बिक्री और उससे होने वाली आय के प्रबंधन को लेकर गंभीर टिप्पणी की है। अदालत ने कहा कि मौजूदा व्यवस्था में पारदर्शिता और निगरानी की कमी साफ दिखाई देती है, जिसे तत्काल सुधारने की जरूरत है।
जस्टिस राजा विजयराघवन वी और जस्टिस के. वी. जयकुमार की खंडपीठ ने विजिलेंस एंड एंटी-करप्शन ब्यूरो की विशेष जांच टीम की रिपोर्ट पर विचार करने के बाद यह रुख अपनाया। जांच मंदिर में बिकने वाले ‘अडिया सिष्टम घी’ समेत अन्य प्रसाद सामग्री की बिक्री में कथित गड़बड़ियों से जुड़ी है।
अदालत को बताया गया कि भ्रष्टाचार निवारण कानून और भारतीय न्याय संहिता की धाराओं के तहत 33 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। इनमें एक विशेष अधिकारी और कई काउंटर कर्मचारी शामिल हैं।
खंडपीठ ने स्पष्ट किया कि सामने आई अनियमितताएं केवल अलग-अलग घटनाएं नहीं, बल्कि स्टॉक प्रबंधन, रिकॉर्ड संधारण और वित्तीय नियंत्रण में गहरी प्रणालीगत खामियों की ओर इशारा करती हैं। अदालत ने निर्देश दिया कि प्रसाद की बिक्री से होने वाली आय के लिए चरणबद्ध और जवाबदेह ढांचा बनाया जाए, जिसमें दैनिक लेखा-जोखा, स्टॉक का आकलन और आय जमा करने की पारदर्शी प्रक्रिया शामिल हो।
साथ ही, अदालत ने जांच एजेंसी को 45 दिनों के भीतर जांच पूरी करने और बोर्ड को विस्तृत कार्ययोजना प्रस्तुत करने का आदेश दिया है। मामले की अगली सुनवाई 27 फरवरी को तय की गई है।
