फरीदाबाद- स्मार्ट सिटी ने शहरी स्वच्छता और पशु कल्याण की दिशा में एक नई पहल की है। शहर में देश का पहला ऐसा विशेष स्थल तैयार किया गया है, जहां मृत कुत्तों का सम्मानजनक ढंग से अंतिम संस्कार किया जाएगा। यह व्यवस्था न केवल सफाई व्यवस्था को मजबूत करेगी, बल्कि पालतू और बेसहारा जानवरों के प्रति मानवीय संवेदना का भी संदेश देगी।
बूढ़ेना गांव में बनाए गए इस केंद्र में कुत्तों के शवों का अंतिम संस्कार पारंपरिक तरीके से उपलों की सहायता से किया जाएगा। इस परियोजना को पूर्व आईएएस अधिकारी और सेवानिवृत्त मुख्य सचिव सुनील गुलाटी के सहयोग से साकार किया गया है, जबकि नगर निगम इसके संचालन की जिम्मेदारी संभालेगा।
अब तक सड़कों, खाली भूखंडों या कूड़ा स्थलों पर पड़े मृत कुत्तों के कारण बदबू, संक्रमण और बीमारियों का खतरा बना रहता था। इस नई व्यवस्था से शहरवासियों को इस समस्या से काफी हद तक राहत मिलने की उम्मीद है।
नगर निगम के स्वास्थ्य अधिकारी नीतीश परवाल ने बताया कि निगम आयुक्त धीरेंद्र खड़गटा के निर्देश पर यह कार्य तेज़ी से पूरा किया गया। उन्होंने कहा कि यह अपनी तरह का पहला केंद्र है, जहां कुत्तों के अंतिम संस्कार के लिए पर्यावरण के अनुकूल तरीका अपनाया गया है।
इस पहल के तहत शवों को लाने के लिए विशेष मोर्चरी वाहन की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है। किसी भी क्षेत्र में कुत्ते की मृत्यु होने पर निगम की टीम सूचना मिलते ही शव को सुरक्षित रूप से यहां पहुंचाएगी, जिससे लोगों को शव इधर-उधर फेंकने की मजबूरी नहीं रहेगी।
नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि इससे न सिर्फ सफाईकर्मियों का काम आसान होगा, बल्कि आम लोगों को भी दुर्गंध और गंदगी से राहत मिलेगी। यह कदम फरीदाबाद को स्वच्छ और संवेदनशील शहर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है।
