देहरादून: उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने प्रदेश की राजनीति और प्रशासन पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा है कि राज्य को “दलाल तंत्र” से मुक्त करना आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से आत्ममंथन करने का आग्रह किया और कहा कि जब तक इस पर ठोस कदम नहीं उठाया जाएगा, तब तक जनता को न्याय नहीं मिल सकेगा।
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, “उत्तराखंड में दलालों की एक पूरी फौज खड़ी हो गई है। ये दलालें हर उस पार्टी के साथ खड़े हो जाते हैं जो सत्ता में आती है। ऐसे तंत्र को जड़ से खत्म करने की जरूरत है।”
वर्तमान घटनाओं से जुड़ा संकेत
अपने बयान में रावत ने हाल ही में हुए एक युवक की संदिग्ध मौत का भी ज़िक्र किया। उन्होंने कहा कि यदि उसका वीडियो सामने नहीं आया होता, तो शायद यह मामला भी दबा दिया जाता। “ये पहली बार नहीं हो रहा, ये सिलसिला वर्षों से चल रहा है। कितने लोग आज भी इसी तंत्र में घुट रहे हैं,” उन्होंने कहा।
राजनीतिक दलों को मंथन की सलाह
रावत ने यह भी कहा कि यह समय सभी दलों के लिए आत्ममंथन का है। “सिर्फ सत्ता में आने के लिए नहीं, बल्कि समाज को साफ़ और जवाबदेह प्रशासन देने के लिए भी राजनैतिक दलों को अपनी भूमिका तय करनी चाहिए,” उन्होंने कहा।
राजनीतिक हलकों में हलचल
पूर्व मुख्यमंत्री के इस बयान से राजनीतिक हलकों में हलचल मच गई है। इसे आने वाले समय में प्रदेश की राजनीति में एक नए विमर्श की शुरुआत के तौर पर भी देखा जा रहा है। उनके बयान को कई राजनीतिक विश्लेषक “सिस्टम पर करारा प्रहार” मान रहे हैं।
