नई दिल्ली- नीट पेपर लीक मामले में आरोपी मनीषा वाघमारे को राउज एवेन्यू कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। कोर्ट ने उनकी जमानत याचिका खारिज करते हुए मामले की गंभीरता को देखते हुए केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की दलीलों को स्वीकार कर लिया।
सुनवाई के दौरान मनीषा वाघमारे की ओर से पेश वकील ने अदालत को बताया कि उनकी मुवक्किल एक प्रमाणित शिक्षा परामर्शदाता हैं और जिस 3.5 लाख रुपये के लेन-देन का उल्लेख किया जा रहा है, वह उपहार विलेख (गिफ्ट डीड) के तहत हुआ था। बचाव पक्ष ने दावा किया कि उनका इस कथित साजिश से कोई संबंध नहीं है।
वहीं, सीबीआई ने जमानत का विरोध करते हुए कहा कि आरोपी ने आर्थिक लाभ के लिए परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक करने में भूमिका निभाई थी। जांच एजेंसी ने यह भी दलील दी कि आरोपी एक ब्यूटी पार्लर संचालित करती हैं और उनके खिलाफ उपलब्ध साक्ष्य प्रथम दृष्टया गंभीर आरोपों की पुष्टि करते हैं। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने जमानत याचिका खारिज कर दी।
इसी मामले में एक अन्य आरोपी यश यादव ने अंतरिम जमानत के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाया है। याचिका में उसने आगामी नीट परीक्षा में शामिल होने और अपनी बहन की शादी में भाग लेने की अनुमति देने की मांग की है। यश यादव ने 15 दिनों की अंतरिम जमानत का अनुरोध किया है। इस पर कोर्ट ने सीबीआई से जवाब तलब करते हुए मामले की अगली सुनवाई 12 जून तय की है। बताया जा रहा है कि नीट परीक्षा 21 जून को आयोजित होनी है।