नई दिल्ली- सुप्रीम कोर्ट ने गाजियाबाद में चार साल की बच्ची से दुष्कर्म और हत्या के मामले में सख्त रुख अपनाते हुए जांच को लेकर बड़ा आदेश दिया है। अदालत ने उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (DGP) को तत्काल प्रभाव से विशेष जांच दल (SIT) गठित करने के निर्देश दिए हैं।
मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि SIT का गठन शुक्रवार को ही या अधिकतम शनिवार सुबह 11 बजे तक किया जाए। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि जांच टीम में महिला पुलिस अधिकारियों की भागीदारी अनिवार्य होगी और इसका नेतृत्व आईजी या कमिश्नर स्तर के अधिकारी करेंगे।
सुप्रीम कोर्ट ने गाजियाबाद पुलिस की अब तक की जांच पर असंतोष जताते हुए कहा कि पीड़ित परिवार की सभी शिकायतों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। साथ ही उन दो निजी अस्पतालों की भूमिका भी जांच के दायरे में लाई जाएगी, जिन्होंने कथित तौर पर घायल बच्ची को भर्ती करने से इनकार कर दिया था।
अदालत ने SIT को निर्देश दिया है कि वह दो सप्ताह के भीतर निचली अदालत में अपनी पूरक रिपोर्ट पेश करे। तब तक संबंधित अदालत में चल रही कार्यवाही को स्थगित रखने के निर्देश भी दिए गए हैं।
गौरतलब है कि बच्ची के पिता ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर जांच SIT या CBI से कराने की मांग की थी। इससे पहले भी अदालत ने पुलिस की कार्यप्रणाली और अस्पतालों के रवैये पर कड़ी नाराजगी जताई थी। मामला 16 मार्च का है, जब एक पड़ोसी कथित तौर पर बच्ची को बहला-फुसलाकर ले गया था, जिसके बाद वह गंभीर हालत में मिली और बाद में उसकी मौत हो गई।
