शाहजहांपुर: जनपद शाहजहांपुर के खुटार क्षेत्र में प्रतिबंधित पशु वध मामले में फरार चल रहे तीन आरोपियों को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद दबोच लिया। दोनों ओर से लगभग दस राउंड फायरिंग हुई, जिसमें दो आरोपी, भूरे खां और जफर, पैर में गोली लगने से घायल हो गए। तीसरे आरोपी जावेद को भी मौके से गिरफ्तार कर लिया गया। तीनों आरोपी पीलीभीत जिले के पूरनपुर क्षेत्र के निवासी बताए जा रहे हैं।
सूखी नहर में मिला था पशु का क्षत-विक्षत शव
गांव बेला और तुलापुर के बीच सूखी नहर में 9 नवंबर की रात प्रतिबंधित पशु को काटकर फेंक दिया गया था। पुलिस को मौके से पशु का सिर, खाल और अन्य अवशेष बरामद हुए थे। इस घटना के बाद अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। 11 नवंबर को पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर घेराबंदी कर पहले आरोपी मुजीबुर्रहमान को मुठभेड़ में गिरफ्तार कर लिया था, जिसके भी पैर में गोली लगी थी। बाकी आरोपी फरार हो गए थे।
23 नवंबर की रात फिर हुई मुठभेड़
सीओ प्रवीण मलिक के अनुसार, 23 नवंबर की रात करीब 11:45 बजे पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि आरोपी कच्चे रास्ते से बु़झिया बरकलीगंज की ओर जा रहे हैं। पुलिस ने घेराबंदी की तो आरोपियों ने फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में भूरे खां के दाहिने पैर और जफर के बाएं पैर में गोली लगी, जिसके बाद दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया। मौके से जावेद उर्फ करिया को भी पकड़ लिया गया।
हथियार और उपकरण बरामद
पुलिस ने आरोपियों के पास से एक तमंचा, दो खोखे, दो जिन्दा कारतूस, एक गड़ासा, एक चाकू, रस्सी और लकड़ी का गुटका बरामद किया है।
आरोपियों पर पहले से दर्ज गौवध अधिनियम के मुकदमे के अलावा अब आर्म्स एक्ट के तहत भी कार्रवाई की गई है।
