इस्लामाबाद/लाहौर। सोमवार तड़के मुरीदके शहर में तहरीक-ए-लब्बैक पाकिस्तान (TLP) के समर्थकों और पुलिस बलों के बीच हुई झड़प ने हिंसक रूप ले लिया। इस दौरान एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी (SHO) की मौत हो गई, जबकि टीएलपी के तीन प्रदर्शनकारियों की भी जान चली गई।
सुबह 3 बजे से शुरू हुआ टकराव, 6 घंटे तक चली कार्रवाई
पुलिस के अनुसार, यह झड़प सोमवार सुबह करीब 3 बजे शुरू हुई और लगभग छह घंटे तक चली। हालात को काबू में लाने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल और रेंजर्स को भी तैनात किया गया। झड़प में कई प्रदर्शनकारी और पुलिसकर्मी घायल भी हुए हैं।
क्यों कर रही थी टीएलपी यह मार्च?
तहरीक-ए-लब्बैक पाकिस्तान (TLP) ने गाजा और फिलिस्तीन के समर्थन में शुक्रवार को लाहौर से एक रैली की शुरुआत की थी। उनका उद्देश्य इस्लामाबाद पहुंचकर अमेरिकी दूतावास के बाहर प्रदर्शन करना था। यह रैली फलस्तीन के समर्थन के नाम पर आयोजित की गई थी।
सरकार ने रास्तों में खुदवाए गड्ढे, लगाया बैरिकेड
सरकार ने टीएलपी के मार्च को राजधानी तक पहुंचने से रोकने के लिए कई सख्त कदम उठाए। लाहौर से इस्लामाबाद के रास्ते में गड्ढे खुदवा दिए गए, भारी बैरिकेड्स लगाए गए और कई स्थानों पर मोबाइल सेवाएं भी बंद कर दी गईं। पुलिस ने आंदोलनकारियों को मुरीदके के पास रोक दिया, जहां उन्होंने अस्थायी रूप से डेरा डाल लिया।
