दिल्ली- दिल्ली विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग (SOL) से पढ़ाई कर रहे पूर्वी और उत्तर-पूर्वी दिल्ली के हजारों छात्रों के लिए अब शिक्षा और भी सुलभ हो गई है। सोमवार को ताहिरपुर में नवनिर्मित ‘स्वाध्याय भवन’ – पूर्वी क्षेत्रीय केंद्र का उद्घाटन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान द्वारा किया गया।
नई इमारत को आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित बनाया गया है, जिसमें स्मार्ट क्लासरूम, डिजिटल लाइब्रेरी, कंप्यूटर लैब और अन्य तकनीकी संसाधन शामिल हैं, जो छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने में मदद करेंगे।
शिक्षा मंत्री ने बताया ‘अवसर और सशक्तिकरण का प्रवेश द्वार’
श्री धर्मेंद्र प्रधान ने उद्घाटन समारोह में कहा, “यह केंद्र केवल एक शिक्षण संस्थान नहीं, बल्कि पूर्वी दिल्ली के युवाओं के लिए अवसरों और सशक्तिकरण का माध्यम बनेगा। यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘डिजिटल इंडिया’ विजन को आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।”
छात्रों को मिलेगा बेहतर शैक्षणिक माहौल
दिल्ली विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. योगेश सिंह ने कहा कि ग्राफिकल वीडियो और कौशल आधारित कोर्स आज की ज़रूरत हैं। उन्होंने बताया कि यह केंद्र छात्रों को भविष्य की चुनौतियों से निपटने के लिए तैयार करेगा।
स्थानीय नेताओं ने भी सराहा कदम
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा, “स्वाध्याय भवन इस बात का प्रमाण है कि ओपन लर्निंग के छात्रों को अब किसी भी स्तर पर समझौता नहीं करना पड़ेगा। यहां की सुविधाएं नियमित कॉलेजों के स्तर की हैं।”
शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने इसे ‘अवसरों का नया द्वार’ बताते हुए कहा कि पूर्वी दिल्ली के छात्रों को अब लंबी दूरी तय करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। उत्तर-पूर्वी दिल्ली से सांसद मनोज तिवारी ने भी इसे शिक्षा क्षेत्र में ऐतिहासिक कदम बताया।
60% छात्र होंगे लाभान्वित
कैंपस ऑफ ओपन लर्निंग की निदेशक प्रो. पायल मागो ने बताया कि एसओएल के करीब 60 फीसदी छात्र पूर्वी और उत्तर-पूर्वी दिल्ली से आते हैं। ऐसे में यह क्षेत्रीय केंद्र उनके लिए अत्यंत उपयोगी साबित होगा। अब छात्र सुबह और शाम दोनों समय की कक्षाओं का लाभ ले सकेंगे।
