नई दिल्ली। पिछले कुछ महीनों की लगातार बिकवाली के बाद विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक (एफपीआई) एक बार फिर भारतीय शेयर बाजारों की ओर लौट आए हैं। 6 से 10 अक्टूबर 2025 के सप्ताह के दौरान एफपीआई ने कुल 1,751 करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश किया, जिससे बाजार में सकारात्मक माहौल बना है। यह जानकारी नेशनल सिक्योरिटीज डिपॉजिटरी लिमिटेड (NSDL) द्वारा साझा की गई है।
बिकवाली से निवेश की ओर पलटी रणनीति
रेलिगेयर ब्रोकिंग के वरिष्ठ उपाध्यक्ष (रिसर्च) अजीत मिश्रा के अनुसार, सप्ताह की शुरुआत में एफपीआई ने दो सत्रों में क्रमशः 1,584 करोड़ और 1,471 करोड़ रुपये की बिकवाली की। लेकिन उसके बाद के तीन कारोबारी दिनों में निवेशकों ने 1,663 करोड़, 738 करोड़, और 2,406 करोड़ रुपये का निवेश किया। इस बदलाव को वैश्विक वित्तीय स्थिरता और भारत की मजबूत आर्थिक स्थिति से जोड़ा जा रहा है।
“विदेशी निवेशकों की धारणा में यह सकारात्मक बदलाव घरेलू बाजार की मजबूती और वैश्विक संकेतों के बेहतर होने का नतीजा है,” — अजीत मिश्रा, रेलिगेयर ब्रोकिंग
अक्टूबर में बिकवाली में आई कमी
एनएसडीएल के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, अक्टूबर 2025 की शुरुआत में एफपीआई की बिकवाली अब घटकर 2,091 करोड़ रुपये रह गई है, जबकि सितंबर में 23,885 करोड़ रुपये की भारी निकासी दर्ज की गई थी। 2025 में अब तक एफपीआई द्वारा कुल 1.56 लाख करोड़ रुपये की निकासी हुई है, जिसमें जनवरी सबसे खराब महीना रहा — इस दौरान 78,000 करोड़ रुपये से अधिक की निकासी की गई।
मजबूत आय और स्थिरता से मिल सकता है सहारा
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में एफपीआई की यह वापसी तब तक कायम रह सकती है जब तक:
कॉर्पोरेट कंपनियों की आय बेहतर बनी रहती है,
वैश्विक जोखिम उठाने की भावना स्थिर बनी रहे, और
आर्थिक नीतियां स्पष्ट और समर्थक बनी रहें।
चुनौतियां अब भी बरकरार
हालांकि, निवेशकों को सतर्क रहना होगा क्योंकि अमेरिका-चीन व्यापार तनाव, ट्रंप प्रशासन द्वारा घोषित नए टैरिफ, और भारतीय बाजार का ऊंचा वैल्यूएशन विदेशी निवेश के प्रवाह को प्रभावित कर सकते हैं।
