नई दिल्ली। गुरुवार को घरेलू शेयर बाजार की शुरुआत कमजोरी के साथ हुई। वैश्विक बाजारों में सुस्ती, पश्चिम एशिया में बढ़ती भू-राजनीतिक चिंताओं और विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली के कारण निवेशकों का रुझान सतर्क बना रहा। कारोबार की शुरुआत में बीएसई सेंसेक्स 229 अंकों से अधिक फिसलकर 74,139 के स्तर पर पहुंच गया, जबकि एनएसई निफ्टी 66 अंकों की गिरावट के साथ 23,339 के आसपास कारोबार करता दिखा।
हालांकि शुरुआती उतार-चढ़ाव के दौरान बाजार ने कुछ समय के लिए रिकवरी भी दिखाई, लेकिन निवेशकों पर वैश्विक अनिश्चितताओं का असर साफ नजर आया। सेंसेक्स की प्रमुख कंपनियों में ट्रेंट, इंफोसिस, एचडीएफसी बैंक, बजाज फिनसर्व, कोटक महिंद्रा बैंक और टाटा स्टील के शेयर दबाव में रहे। दूसरी ओर, टाइटन, अदानी पोर्ट्स, टेक महिंद्रा और इटरनल के शेयरों में खरीदारी देखने को मिली।
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) की लगातार बिकवाली घरेलू बाजार के लिए बड़ी चिंता बनी हुई है। बुधवार को विदेशी निवेशकों ने 5,616 करोड़ रुपये से अधिक की इक्विटी की शुद्ध बिक्री की, जिससे बाजार पर अतिरिक्त दबाव बना।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी निवेशकों की धारणा कमजोर रही। एशियाई बाजारों में जापान, दक्षिण कोरिया, चीन और हांगकांग के प्रमुख सूचकांक गिरावट के साथ कारोबार कर रहे थे। वहीं अमेरिकी बाजार भी पिछले कारोबारी सत्र में नुकसान के साथ बंद हुए थे।
विश्लेषकों का मानना है कि पश्चिम एशिया में जारी तनाव, अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ती तल्खी तथा वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं ने निवेशकों को सतर्क कर दिया है। हालांकि इजराइल-लेबनान संघर्ष विराम समझौते के नवीनीकरण से कुछ राहत मिली है, लेकिन क्षेत्रीय हालात अब भी पूरी तरह स्थिर नहीं हैं।
इस बीच अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड की कीमतों में हल्की गिरावट दर्ज की गई और यह 96.86 डॉलर प्रति बैरल के आसपास कारोबार करता रहा। विशेषज्ञों का कहना है कि जब तक वैश्विक मोर्चे पर स्पष्टता नहीं आती, तब तक भारतीय शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव का दौर जारी रह सकता है।