देहरादून। उत्तराखंड राज्य गठन की रजत जयंती के अवसर पर 3 और 4 नवंबर को विधानसभा भवन, देहरादून में विशेष सत्र आयोजित किया जा रहा है। इस ऐतिहासिक अवसर पर देश की महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के शामिल होने की संभावना है।
राजधानी गैरसैंण में आयोजित होना चाहिए सत्र- पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत
इस विशेष सत्र को लेकर प्रदेश में राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि राज्य की रजत जयंती का यह सत्र उत्तराखंड के लोगों की सपनों की राजधानी गैरसैंण में आयोजित होना चाहिए। उन्होंने कहा कि “अगर महामहिम राष्ट्रपति गैरसैंण से विधानसभा को संबोधित करतीं, तो उत्तराखंड का गौरव पूरे देश और दुनिया के सामने आता।”
गैरसैंण को सिर्फ चुनावी मुद्दा बनाया गया- प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट
इस पर भाजपा ने पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस ने हमेशा गैरसैंण को सिर्फ चुनावी मुद्दा बनाया। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने हरीश रावत पर निशाना साधते हुए कहा, “हरीश रावत ने केवल गैरसैंण का राग अलापा है, जबकि उसे राजधानी का दर्जा देने का साहस केवल भाजपा ने दिखाया है।”
राज्य की रजत जयंती पर आयोजित यह विशेष सत्र न केवल उत्तराखंड की उपलब्धियों की समीक्षा का अवसर होगा, बल्कि प्रदेश की राजनीतिक दिशा को लेकर भी बहस का मंच बनने जा रहा है।
