देहरादून। विश्व आपदा प्रबंधन सम्मेलन 2025 व उत्तराखंड राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी सम्मेलन 2025 के आयोजन से पूर्व उत्तराखण्ड राज्य विज्ञान व प्रौद्योगिकी परिषद (UCOST) द्वारा एक महत्वपूर्ण प्रेस वार्ता आयोजित की। इस दौरान मुख्य वक्ता के रूप में प्रोफेसर दुर्गेश पंत, महानिदेशक (UCOST) मौजूद रहे और उन्होंने सम्मेलन के उद्देश्य तथा इसकी आवश्यकता पर विस्तृत जानकारी साझा की।
प्रो. पंत ने बताया कि बदलते पर्यावरण, बढ़ती प्राकृतिक आपदाओं और पर्वतीय प्रदेशों में आने वाली चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सेमिनार 28 नवंबर से शुरू होने जा रहा है। इसमें देश-विदेश के कई प्रतिष्ठित वैज्ञानिक और विशेषज्ञ भाग लेंगे।
सेमिनार में इन प्रमुख विषयों पर होगी चर्चा
उत्तराखंड की भौगोलिक परिस्थितियों के कारण बार-बार आने वाली आपदाएं
आपदाओं के त्वरित बचाव व प्रबंधन के प्रभावी तरीके
आपदाओं के मूल कारणों की वैज्ञानिक पड़ताल
भविष्य में आपदा जोखिम कम करने के लिए तकनीकी व वैज्ञानिक समाधान
उत्तराखंड की आबोहवा और पर्यावरण को सुरक्षित रखने के उपाय
विश्व आपदा प्रबंधन सम्मेलन का उद्देश्य
प्रो. दुर्गेश पंत ने कहा कि इस सम्मेलन का उद्देश्य केवल चर्चा तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि ऐसा वैज्ञानिक रोडमैप तैयार करना है जो भविष्य में उत्तराखंड को आपदा-प्रबंधन के क्षेत्र में और अधिक सक्षम बना सके।
तीन दिवसीय सेमिनार का होगा आयोजन
“बदलते पर्यावरण और बढ़ती आपदाओं को देखते हुए तीन दिवसीय सेमिनार का आयोजन किया जा रहा है। देश-विदेश के वैज्ञानिक इसमें शामिल होंगे। उत्तराखंड में आने वाली आपदाओं के कारण, बचाव कार्य और पर्यावरण संरक्षण पर महत्वपूर्ण चर्चा होगी, जो भविष्य के लिए अत्यंत लाभकारी होगी।”
