गाजियाबाद। वैशाली सेक्टर-7 स्थित रामप्रस्थ ग्रींस निवासी एक बिल्डर के साथ करोड़ों रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। आरोप है कि कुछ लोगों ने मोहन नगर कर्मचारी आवास समिति लिमिटेड, वैशाली की जमीन लीज पर दिलाने का झांसा देकर बिल्डर से करीब 2.44 करोड़ रुपये ऐंठ लिए और बाद में न तो जमीन दिलाई और न ही रकम लौटाई।
पीड़ित बिल्डर मनोज कुमार सिंह ने दिसंबर 2025 में पुलिस से इस मामले की शिकायत की थी। शिकायत की जांच एंटी फ्रॉड सेल को सौंपी गई, जहां आरोप सही पाए जाने के बाद पांच आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।
पीड़ित के अनुसार वर्ष 2020 में सतीश शर्मा, भूषण त्यागी, योगेंद्र मुगराई, संजीव सोनी और साजिद ने खुद को प्रॉपर्टी डीलर बताते हुए उनसे संपर्क किया था। आरोपियों ने मोहन नगर कर्मचारी आवास समिति की जमीन को लीज पर दिलाने का दावा किया और इसके समर्थन में कुछ दस्तावेज भी दिखाए, जिससे पीड़ित को उनकी बातों पर भरोसा हो गया।
आरोप है कि वर्ष 2020 से 2022 के बीच अलग-अलग किस्तों में आरोपियों को कुल 2.44 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया। आरोपियों ने छह माह के भीतर लीज की प्रक्रिया पूरी करने का भरोसा दिलाया, लेकिन समय बीतने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई। बाद में आरोपियों ने न केवल जमीन दिलाने से, बल्कि रकम वापस करने से भी इनकार कर दिया।
पीड़ित का यह भी आरोप है कि जब उसने पैसे वापस मांगने का दबाव बनाया तो उसे जान से मारने की धमकी दी गई।
डीसीपी निमिष पाटील ने बताया कि एंटी फ्रॉड सेल की जांच में शिकायतकर्ता के आरोप सही पाए गए हैं। सभी आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और उनकी गिरफ्तारी के प्रयास तेज कर दिए गए हैं।
