Keral As Keralam: केरल का नाम बदलने को लेकर राजनीति में नया मोड़ आ गया है। एलडीएफ सरकार के ‘केरल’ को ‘केरलम’ किए जाने के प्रस्ताव को अब राज्य भाजपा का भी समर्थन मिल गया है। इस मुद्दे पर केरल भाजपा अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर केंद्र सरकार से आवश्यक कदम उठाने की अपील की है।
राजीव चंद्रशेखर ने मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन को भी पत्र भेजकर इस प्रस्ताव के प्रति समर्थन जताया है। अपने पत्र में उन्होंने कहा कि राज्य के पारंपरिक नाम ‘केरलम’ को अपनाने से भाषा, संस्कृति और ऐतिहासिक पहचान को मजबूती मिलेगी। साथ ही यह कदम उन ताकतों पर रोक लगाने में सहायक होगा, जो धर्म के आधार पर राज्य को विभाजित करने जैसी मांगें कर रही हैं।
उन्होंने लिखा कि भाजपा की सोच हमेशा से भारतीय भाषाओं, सांस्कृतिक विरासत और परंपराओं के संरक्षण से जुड़ी रही है और केरल को उसके ऐतिहासिक नाम ‘केरलम’ से पहचान मिलनी चाहिए। चंद्रशेखर ने उम्मीद जताई कि यह बदलाव राज्य में एकता, सुरक्षा और समावेशी विकास को बढ़ावा देगा, जहां सभी मलयाली समुदाय मिल-जुलकर आगे बढ़ सकें।
गौरतलब है कि केरल विधानसभा ने अगस्त 2024 में सर्वसम्मति से एक प्रस्ताव पारित कर केंद्र सरकार से राज्य का नाम आधिकारिक रूप से ‘केरलम’ करने की मांग की थी। साथ ही संविधान की आठवीं अनुसूची में भी इस नाम को शामिल करने का अनुरोध किया गया था।
