इस बीच उन्नाव दुष्कर्म मामले की पीड़िता ने भी दिल्ली हाईकोर्ट में एक अहम याचिका दाखिल की है। पीड़िता ने कुलदीप सेंगर द्वारा दायर अपील के जवाब में अतिरिक्त साक्ष्य रिकॉर्ड पर लेने की मांग की है। याचिका में पीड़िता ने दावा किया है कि सेंगर ने जांच और मुकदमे को प्रभावित करने की कोशिश की और उसकी उम्र से जुड़े फर्जी दस्तावेजों का सहारा लिया गया, जिन्हें अब अपील में भी इस्तेमाल किया जा रहा है।
पीड़िता ने अदालत को यह भी बताया कि उसे और उसके परिवार को लगातार जान का खतरा बना हुआ है। उसने अपनी याचिका में उन्नाव स्थित स्कूल के दो अधिकारियों से उसकी जन्म तिथि प्रमाणित कराने से जुड़े अतिरिक्त साक्ष्य दर्ज करने का निर्देश देने की मांग की है। पीड़िता का कहना है कि ये दस्तावेज मामले की सच्चाई सामने लाने के लिए जरूरी हैं।
दिल्ली हाईकोर्ट की पीठ, जिसमें न्यायमूर्ति प्रतिभा एम. सिंह और न्यायमूर्ति मधु जैन शामिल हैं, ने मामले का अवलोकन करते हुए कहा कि सेंगर की अपील पहले से ही अंतिम सुनवाई के चरण में है। अदालत ने पीड़िता की याचिका पर सुनवाई के लिए 25 फरवरी की तारीख तय की है। साथ ही पीड़िता के वकील को 31 जनवरी तक सभी प्रासंगिक दस्तावेज दाखिल करने के निर्देश दिए गए हैं। कोर्ट ने कुलदीप सेंगर और सीबीआई से भी इस याचिका पर अपना जवाब दाखिल करने को कहा है।
गौरतलब है कि इससे पहले 23 दिसंबर 2025 को दिल्ली हाईकोर्ट ने सेंगर की आजीवन कारावास की सजा को निलंबित किया था, जिसे बाद में 29 दिसंबर 2025 को सुप्रीम कोर्ट ने स्थगित कर दिया। सेंगर ने दिसंबर 2019 में ट्रायल कोर्ट द्वारा सुनाई गई सजा और दोषसिद्धि को चुनौती दी है, जिस पर अभी अंतिम फैसला आना बाकी है।
