नई दिल्ली- एआई इंपैक्ट समिट के मद्देनज़र राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। इसी बीच बुधवार को उत्तरी दिल्ली में सुरक्षा जांच के दौरान एक संदिग्ध कार मिलने से हड़कंप मच गया। मामला उस समय सामने आया जब कोतवाली थाना पुलिस नियमित गश्त के दौरान ऐतिहासिक स्थल लाल किला के पीछे खड़ी जम्मू-कश्मीर नंबर की एक पुरानी सेंट्रो कार पर नजर पड़ी।
पुलिस टीम ने वाहन में बैठे दो लोगों से पूछताछ की, जिनमें एक 16 वर्षीय किशोर भी शामिल था। पूछताछ के दौरान बड़े व्यक्ति ने खुद को केंद्रीय एजेंसी से जुड़ा बताते हुए राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) का पहचान पत्र दिखाया। दस्तावेज संदिग्ध प्रतीत होने पर पुलिस ने दोनों को हिरासत में लेकर वरिष्ठ अधिकारियों को सूचित किया।
जांच में पता चला कि कार का रजिस्ट्रेशन समाप्त हो चुका था। मामले की गंभीरता को देखते हुए उत्तरी जिला पुलिस ने स्पेशल सेल सहित अन्य एजेंसियों को जानकारी दी। देर शाम तक स्पेशल सेल, आईबी और एनआईए के अधिकारियों ने संयुक्त रूप से दोनों से पूछताछ की।
प्राथमिक जांच में सामने आया कि 36 वर्षीय मुदस्सर अहमद मीर, जो पुलवामा का निवासी है, पर नौकरी दिलाने के नाम पर लोगों को दिल्ली लाकर पैसे लेने का आरोप है। किशोर को भी कथित तौर पर रोजगार का झांसा देकर राजधानी लाया गया था। पुलिस के अनुसार, परिवार से शुरुआती रकम ली गई थी और नौकरी लगने के बाद अधिक राशि लेने की बात कही गई थी।
दोनों 12 फरवरी को जम्मू-कश्मीर से रवाना हुए और 13 फरवरी की रात दिल्ली पहुंचे। यहां वे जामा मस्जिद क्षेत्र स्थित एक गेस्ट हाउस में ठहरे। बाद में कथित तौर पर उन्हें एक स्वयंसेवी संस्था से जुड़े व्यक्ति के पास ले जाया गया, जहां नौकरी की बात आगे नहीं बढ़ सकी।
पूछताछ में कुछ अन्य नाम भी सामने आए हैं, जिनकी भूमिका की जांच की जा रही है। पुलिस ने नकली पहचान पत्र और वाहन को कब्जे में लेकर धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। साथ ही जम्मू-कश्मीर पुलिस से संपर्क कर पृष्ठभूमि की जानकारी जुटाई जा रही है।
फिलहाल सभी संबंधित एजेंसियां मामले की गहराई से जांच कर रही हैं और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि क्या इस नेटवर्क में अन्य लोग भी शामिल हैं।
