Geopolitical Tension: अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव के बीच शांति वार्ता के विफल होने का असर भारतीय शेयर बाजार पर साफ दिखाई दिया। सोमवार को शुरुआती कारोबार में ही बाजार में भारी बिकवाली देखी गई, जिससे सेंसेक्स लगभग 1,600 अंकों तक टूट गया, जबकि निफ्टी 23,600 के अहम स्तर से नीचे फिसल गया।
कारोबार की शुरुआत में ही निवेशकों में घबराहट का माहौल बन गया, जिसका असर लगभग सभी सेक्टर्स पर देखने को मिला। खासकर सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक, बैंकिंग, वित्तीय और तेल-गैस शेयरों में तेज गिरावट दर्ज की गई। वहीं, फार्मा और हेल्थकेयर जैसे डिफेंसिव सेक्टर अपेक्षाकृत स्थिर रहे।
इस बीच बाजार की अस्थिरता को मापने वाला इंडेक्स भारतीय VIX 13% से ज्यादा उछलकर 21 के पार पहुंच गया, जो बढ़ते जोखिम को दर्शाता है। साथ ही रुपये में भी कमजोरी आई और यह डॉलर के मुकाबले गिरकर 93.32 के स्तर पर पहुंच गया।
वैश्विक तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतों में भी उछाल आया है, जहां ब्रेंट क्रूड 103 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया। इससे महंगाई और आर्थिक दबाव बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह पूरा घटनाक्रम आने वाले समय में और अधिक उतार-चढ़ाव ला सकता है। ऐसे में निवेशकों को सतर्क रहने और जल्दबाजी में फैसले लेने से बचने की सलाह दी जा रही है।
