सीबीएसई बोर्ड ने छात्रों को बड़ी राहत देते हुए इस साल से “सेकेंड बोर्ड परीक्षा” की नई व्यवस्था लागू की है। अब जो छात्र-छात्राएं अपने बोर्ड परीक्षा के परिणाम से संतुष्ट नहीं होंगे, उन्हें उसी शैक्षणिक सत्र में दोबारा परीक्षा देने का मौका मिलेगा। यह दूसरी परीक्षा मई माह में आयोजित की जाएगी।
बोर्ड ने इस नई पहल की तैयारी पहले ही पूरी कर ली थी और इच्छुक विद्यार्थियों से अग्रिम आवेदन भी मंगा लिए गए थे। स्थानीय समन्वयक मंजू जोशी के अनुसार, यह व्यवस्था खासतौर पर उन छात्रों के लिए फायदेमंद है जो अपने अंक सुधारना चाहते हैं या किसी विषय में पास नहीं हो पाए हैं।
नई शिक्षा नीति (NEP) के तहत शुरू की गई यह सुविधा छात्रों को बिना एक साल गंवाए अपने प्रदर्शन को बेहतर करने का अवसर देती है। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि मुख्य परीक्षा और सेकेंड बोर्ड परीक्षा में से जिस परीक्षा में छात्र के अधिक अंक होंगे, वही अंतिम परिणाम में जोड़े जाएंगे।
हालांकि, सेकेंड बोर्ड परीक्षा में शामिल होने के लिए छात्रों का कम से कम तीन विषयों में पास होना अनिवार्य रखा गया है। बोर्ड ने उम्मीदवारों की सूची (LOC) पहले ही तैयार कर ली है। वहीं, जिन छात्रों ने आवेदन किया है लेकिन अपने रिजल्ट से संतुष्ट हैं, वे चाहें तो अपना आवेदन वापस भी ले सकते हैं।
