नई दिल्ली- दिल्ली हाईकोर्ट ने बारामूला से सांसद शेख अब्दुल राशिद उर्फ इंजीनियर राशिद को आतंकवाद फंडिंग से जुड़े मामले में सीमित अवधि के लिए अंतरिम राहत प्रदान की है। अदालत ने उन्हें 25 जून से 30 जून तक अंतरिम जमानत दी है, ताकि वह अपने दिवंगत पिता के निधन के बाद होने वाली धार्मिक रस्मों में शामिल हो सकें।
न्यायमूर्ति प्रतिभा एम सिंह और न्यायमूर्ति मधु जैन की पीठ ने स्पष्ट किया कि यह जमानत केवल निर्धारित अवधि के लिए ही मान्य होगी। अदालत ने निर्देश दिया कि पहले दी गई अंतरिम जमानत की अवधि समाप्त होने के बाद राशिद को 2 जून को आत्मसमर्पण करना होगा, जिसके बाद उन्हें दोबारा 25 जून से 30 जून के बीच अस्थायी राहत दी जाएगी।
सुनवाई के दौरान राशिद के वकील ने अदालत से अनुरोध किया था कि उन्हें श्रीनगर में अपने पिता के निधन के 40वें दिन होने वाले धार्मिक कार्यक्रम में शामिल होने की अनुमति दी जाए। अदालत ने इस आधार पर सीमित अवधि की जमानत मंजूर की, लेकिन इसके साथ पहले से लागू सभी शर्तों को बरकरार रखा।
अदालत के आदेश के अनुसार, अंतरिम जमानत के दौरान राशिद की गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रहेगी। उनके साथ सादे कपड़ों में पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे और उन्हें केवल अपने निवास तथा धार्मिक स्थलों तक जाने की अनुमति होगी। अन्य किसी स्थान पर जाने की छूट नहीं दी गई है।
गौरतलब है कि राशिद राष्ट्रीय जांच एजेंसी द्वारा दर्ज 2017 के आतंकवाद फंडिंग मामले में आरोपी हैं और 2019 से तिहाड़ जेल में बंद हैं। इस मामले में उनके खिलाफ गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम समेत कई गंभीर धाराओं के तहत मुकदमा चल रहा है।