नई दिल्ली: नई दिल्ली रेलवे स्टेशन (NDRS) थाना पुलिस ने एक बेहद संवेदनशील और बड़े ऑपरेशन को अंजाम देते हुए बच्चों का अपहरण कर उन्हें बेचने वाले एक बड़े संगठित गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने इस मामले में तत्परता दिखाते हुए न सिर्फ तीन महिलाओं समेत कुल आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया है, बल्कि रेलवे स्टेशन से अगवा किए गए डेढ़ साल के एक मासूम बच्चे को सकुशल बरामद भी कर लिया है। पकड़े गए आरोपी दिल्ली, गाजियाबाद, हरिद्वार और बदायूं के रहने वाले हैं।
रेलवे यूनिट के डीसीपी बी. भरत रेड्डी ने बताया कि बीते 25 मई को एक महिला ने अपने डेढ़ वर्षीय बेटे के गायब होने की शिकायत दर्ज कराई थी। पीड़ित महिला अपने पति से अलग रहकर अक्सर स्टेशन के मुख्य हॉल में रात गुजारती थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए इंस्पेक्टर याकूब खान के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। पुलिस ने स्टेशन और आसपास के करीब 300 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली, जिसमें तीन संदिग्ध बच्चे को ले जाते हुए दिखे। टेक्निकल इनपुट और कड़ी से कड़ी जोड़ते हुए पुलिस की टीम उत्तराखंड के हरिद्वार पहुंची और बच्चे को बरामद कर लिया।
पूछताछ में चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि बदायूं की रहने वाली आरती नामक महिला (जिसकी पहले से पांच बेटियां हैं) बेटे की चाहत में बच्चा खरीदना चाहती थी। उसकी बहन पूजा ने उसकी मुलाकात हरिद्वार की प्रीति से कराई, जहां बच्चे का सौदा डेढ़ लाख रुपये में तय हुआ। प्रीति के इशारे पर उसके साथियों (जिया, विशाल और शिवा) ने नई दिल्ली स्टेशन से बच्चे को अगवा किया था। फिलहाल कोर्ट ने आरती और पूजा को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है, जबकि अन्य 6 आरोपियों से पुलिस रिमांड में पूछताछ की जा रही है।
जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ी, इस रैकेट के तार मेडिकल सेक्टर से जुड़ते चले गए। आरोपियों से पूछताछ में सामने आया है कि पिछले डेढ़ साल में इस गिरोह ने 30 से अधिक नवजात बच्चों का सौदा किया है। पुलिस ने अब तक दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश और गुजरात के ऐसे 24 परिवारों की पहचान की है, जिन्होंने इस गिरोह से बच्चे खरीदे थे।
इस सिलसिले में पुलिस की एक टीम ने बेगमपुर स्थित ‘हीरा मल्टी स्पेशियलिटी अस्पताल’ पर छापेमारी की, जिसके संचालक डॉ. विवेकी पर बच्चों के फर्जी जन्म प्रमाण पत्र और दस्तावेज तैयार करने का आरोप है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, इस रैकेट के मुख्य मास्टरमाइंड डॉ. विवेकी, साएबा भाई घमर उर्फ कालिया और प्रतिभा हैं। प्रतिभा और उसकी सहयोगी ओमवती पहले भी बच्चा चोरी के मामले में जेल जा चुकी हैं। पुलिस अब अन्य राज्यों में फैले इस पूरे नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करने में जुटी है।