नई दिल्ली – देश की शीर्ष अदालत सुप्रीम कोर्ट में आधार कार्ड को लेकर एक अहम जनहित याचिका दाखिल की गई है, जिसमें आधार जारी करने के नियमों में बड़े बदलाव की मांग उठाई गई है। याचिका में कहा गया है कि नया आधार कार्ड केवल 6 साल तक के बच्चों को ही जारी किया जाए, जबकि किशोरों और वयस्कों के लिए सख्त सत्यापन प्रक्रिया लागू होनी चाहिए।
यह याचिका वकील और सामाजिक कार्यकर्ता अश्विनी कुमार द्वारा दायर की गई है। उनका दावा है कि मौजूदा ढीली व्यवस्था का फायदा उठाकर घुसपैठिए आसानी से आधार कार्ड बनवा लेते हैं और बाद में खुद को भारतीय नागरिक के रूप में पेश करते हैं। इससे देश की सुरक्षा, सरकारी योजनाओं और चुनावी प्रक्रिया पर गंभीर असर पड़ सकता है।
याचिका में यह भी सुझाव दिया गया है कि आधार केंद्रों पर स्पष्ट सूचना बोर्ड लगाए जाएं, जिनमें बताया जाए कि आधार केवल पहचान पत्र है, न कि नागरिकता, जन्मतिथि या पते का प्रमाण। साथ ही, वयस्कों के आधार बनाने के लिए एसडीएम या तहसीलदार स्तर के अधिकारियों से अनिवार्य सत्यापन की मांग की गई है।
याचिकाकर्ता के अनुसार, देश में पहले ही 144 करोड़ से अधिक आधार कार्ड जारी हो चुके हैं, इसलिए नए नियम लागू होने से वास्तविक नागरिकों को कोई नुकसान नहीं होगा। साथ ही, फर्जी दस्तावेजों के जरिए आधार बनवाने वालों पर सख्त कार्रवाई और दंड का प्रावधान भी जरूरी बताया गया है।
