देहरादून: उत्तराखंड में हालिया मंत्रिमंडल विस्तार के बाद अब नए मंत्रियों के विभागों को लेकर राजनीतिक हलचल तेज़ हो गई है। 20 मार्च को राज्यपाल द्वारा शपथ दिलाए गए पांच नए मंत्रियों में दो ऐसे चेहरों की वापसी हुई है, जिन्होंने पहले भी कैबिनेट मंत्री के रूप में जिम्मेदारियाँ संभाली हैं। जबकि तीन विधायक पहली बार मंत्री पद पर आए हैं।
कैबिनेट में वापसी करने वाले वरिष्ठ नेता मदन कौशिक और खजान दास को भारी-भरकम विभाग मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। सूत्रों का कहना है कि पूर्व कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल के पास रहे विभाग—जैसे वित्त, शहरी विकास, संसदीय कार्य—मदन कौशिक को सौंपे जा सकते हैं। वहीं दिवंगत मंत्री चंदन रामदास के पास रहे समाज कल्याण, अल्पसंख्यक कल्याण और परिवहन विभाग खजान दास को दिए जाने की संभावना है।
पहली बार कैबिनेट मंत्री बने तीन विधायकों—भरत सिंह चौधरी, प्रदीप बत्रा और राम सिंह कैड़ा—को मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami के पास वर्तमान में मौजूद कुछ विभाग सौंपे जा सकते हैं, ताकि कार्यभार को संतुलित किया जा सके। इनमें सूक्ष्म-लघु उद्योग, कौशल विकास, श्रम, पेयजल, ऊर्जा और आयुष जैसे विभाग शामिल हो सकते हैं।
गौरतलब है कि 2023 में दिवंगत चंदन रामदास के निधन के बाद उनके सभी विभाग सीएम धामी के पास आ गए थे। इसके बाद 2025 में पूर्व कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल के इस्तीफे के चलते उनके विभाग भी मुख्यमंत्री के पास ही चले गए। वर्तमान में सीएम धामी के पास कुल 30 विभागों का ज़िम्मा है।
इसी बीच 21 मार्च को राजनाथ सिंह के उत्तराखंड दौरे और हल्द्वानी में सरकार के चार वर्ष पूरे होने पर आयोजित कार्यक्रम के कारण पूरा मंत्रिमंडल एक मंच पर मौजूद है। ऐसे में माना जा रहा है कि विभागों के पुनर्वितरण की औपचारिक घोषणा 23 मार्च से पहले कभी भी हो सकती है।
