नई दिल्ली- गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत कमजोर रही। कारोबार के शुरुआती घंटों में निवेशकों की बिकवाली के चलते प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी लाल निशान में कारोबार करते दिखे। सेंसेक्स में करीब 400 अंकों की गिरावट दर्ज की गई, जबकि निफ्टी 23,100 के स्तर के आसपास पहुंच गया। आईटी और एफएमसीजी सेक्टर के कई शेयरों में दबाव देखने को मिला, जिसमें एचसीएल टेक और एशियन पेंट्स प्रमुख रहे। वहीं, विदेशी मुद्रा बाजार में भी रुपया कमजोर होकर डॉलर के मुकाबले 35 पैसे टूट गया।
विश्लेषकों के अनुसार, पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और अमेरिका से आए मजबूत महंगाई आंकड़ों ने वैश्विक निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। मध्य पूर्व में बढ़ी अनिश्चितता के कारण कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई है, जिससे ऊर्जा आयात पर निर्भर देशों की अर्थव्यवस्थाओं को लेकर आशंकाएं बढ़ी हैं। इसका असर भारतीय बाजार के निवेशकों की धारणा पर भी पड़ा है।
अमेरिकी महंगाई के अपेक्षा से अधिक रहने से यह संभावना मजबूत हुई है कि वहां ब्याज दरें लंबे समय तक ऊंचे स्तर पर बनी रह सकती हैं। इस खबर के बाद अमेरिकी बाजारों में भी दबाव देखने को मिला, जिसका असर एशियाई बाजारों तक पहुंचा। जापान, दक्षिण कोरिया, ऑस्ट्रेलिया, हांगकांग और चीन के प्रमुख सूचकांक गिरावट के साथ कारोबार करते नजर आए।
वैश्विक बाजारों में कमजोरी और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के कारण निवेशकों का रुझान फिलहाल सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर बढ़ता दिखाई दे रहा है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक अंतरराष्ट्रीय हालात सामान्य नहीं होते, तब तक शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।
इसी बीच केंद्र सरकार ने इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल को बढ़ावा देने के लिए अहम कदम उठाया है। वित्त मंत्रालय ने अधिसूचना जारी कर E22, E25, E27 और E30 श्रेणी के इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल पर उत्पाद शुल्क को शून्य कर दिया है। सरकार का उद्देश्य स्वच्छ ईंधन के उपयोग को बढ़ावा देना और पारंपरिक पेट्रोल पर निर्भरता कम करना है।