नई दिल्ली: आगरा के राजा मंडी स्थित लाभचंद मार्केट विवाद अब एक बार फिर सुर्खियों में है। इस मामले में जिला प्रशासन की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ता अमरजोत सिंह सूरी की अवमानना याचिका पर सुनवाई करते हुए सख्त रुख अपनाया है। कोर्ट ने अरविंद मलप्पा बंगारी सहित आठ अधिकारियों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
सभी अधिकारियों को चार मई तक अपना पक्ष रखने के निर्देश दिए गए हैं।
यह विवाद कोई नया नहीं है, बल्कि करीब 80 साल पुराना है, जो नजूल भूमि के स्वामित्व और पट्टे की शर्तों के उल्लंघन से जुड़ा हुआ है। जानकारी के मुताबिक, यह जमीन 1940 और 1947 के बीच धर्मचंद जैन को कुछ विशेष शर्तों पर पट्टे पर दी गई थी।
आरोप है कि समय के साथ इन शर्तों का उल्लंघन करते हुए यहां व्यावसायिक निर्माण किया गया और दुकानों को किराए पर दे दिया गया।
इसी आधार पर अप्रैल 2025 में नगर निगम ने इस पट्टे को निरस्त कर दिया था। प्रशासन का कहना है कि यह जमीन सरकारी है, जबकि पट्टाधारक इसे निजी संपत्ति बताते आ रहे हैं।
इससे पहले, दुकानदारों की याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने जिला प्रशासन को सड़क की पैमाइश कराने और अतिक्रमण हटाने के निर्देश भी दिए थे।
