गर्मियों के मौसम में बढ़ती गर्मी का असर सिर्फ शरीर की ऊर्जा पर ही नहीं, बल्कि पाचन तंत्र पर भी पड़ता है। आयुर्वेद के अनुसार इस दौरान खानपान में सावधानी बरतना बेहद जरूरी है, क्योंकि इस मौसम में शरीर में पित्त दोष सक्रिय हो जाता है। इससे पेट में जलन, अपच और थकान जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि गर्मियों में हल्का और ठंडक देने वाला भोजन अपनाना चाहिए। खरबूजा, तरबूज और आम शरीर जैसे मौसमी फल शरीर को ठंडा रखने के साथ-साथ पानी की कमी को भी पूरा करते हैं। वहीं दही और ठंडा दूध पाचन को संतुलित रखने में मददगार माने जाते हैं।
इसके अलावा फाइबर से भरपूर सलाद, हल्की सब्जियां और नारियल पानी जैसे प्राकृतिक पेय शरीर को हाइड्रेटेड रखते हैं और जरूरी इलेक्ट्रोलाइट्स प्रदान करते हैं। दिनभर में कम मात्रा में कई बार भोजन करने से पाचन बेहतर रहता है और शरीर में ऊर्जा बनी रहती है।
दूसरी ओर, गर्मियों में तली-भुनी और ज्यादा मसालेदार चीजों से दूरी बनाने की सलाह दी जाती है। विशेषज्ञों के मुताबिक अधिक तेल, मिठाई और कैफीन युक्त पेय पदार्थ शरीर में गर्मी बढ़ाते हैं, जिससे पित्त असंतुलित हो सकता है। इसलिए इस मौसम में सादा और संतुलित आहार को प्राथमिकता देना जरूरी है।