वाराणसी:ऑनलाइन सट्टेबाजी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए साइबर सेल ने एक संगठित रैकेट का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए हॉर्स रेसिंग पर बेटिंग कराने वाले मुख्य आरोपी राघवेंद्र सिंह को गिरफ्तार किया है। उसे बुधवार को सारनाथ थाना क्षेत्र के तिलमापुर इलाके से पकड़ा गया।
जांच में सामने आया है कि आरोपी “महाकाल” और “एके रेसिंग” नाम के व्हाट्सएप ग्रुप बनाकर ऑनलाइन जुए का पूरा नेटवर्क चला रहा था। इस गिरोह के तार मुंबई और दिल्ली जैसे बड़े शहरों तक जुड़े होने की बात भी सामने आई है। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों—मनोज कुमार सिंह, अजय वाधवानी, पवन शर्मा और एक अन्य—की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है।
साइबर सेल के अनुसार, राघवेंद्र सिंह मूल रूप से गाजीपुर का रहने वाला है और फिलहाल तिलमापुर में रहकर इस अवैध धंधे को संचालित कर रहा था। पूछताछ में आरोपी ने खुलासा किया कि वह व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए लोगों को जोड़ता था और रोजाना होने वाली हॉर्स रेस की जानकारी साझा कर उनसे पैसे लगवाता था।
गिरोह का तरीका बेहद सुनियोजित था। बेटिंग करने वाले लोगों से रकम एक तय बैंक खाते में मंगाई जाती थी, जिसे आरोपी का रिश्तेदार संचालित करता था। इसके बाद यूपीआई के जरिए रकम को इधर-उधर ट्रांसफर कर लिया जाता था। जो लोग रेस जीतते थे, उन्हें पैसा वापस कर दिया जाता था, जबकि हारने वालों की रकम गिरोह अपने पास रखता था।
आरोपी ने यह भी बताया कि रेस के नतीजे एक वेबसाइट के जरिए चेक किए जाते थे और उसी आधार पर भुगतान किया जाता था। लोगों को झांसे में लेने के लिए जीतने वालों की तस्वीरें और स्क्रीनशॉट ग्रुप में शेयर किए जाते थे, जिससे नए लोग भी आसानी से इस जाल में फंस जाते थे।
पूछताछ में यह भी खुलासा हुआ कि आरोपी कोविड काल के दौरान इस धंधे से जुड़ा था। गोवा में नौकरी के दौरान उसे हॉर्स रेसिंग और बेटिंग की जानकारी मिली, जिसके बाद उसने व्हाट्सएप के जरिए अपना नेटवर्क खड़ा कर लिया।
