देहरादून- चारधाम यात्रा में इस बार श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए एक अहम बदलाव किया गया है। केदारनाथ धाम और बदरीनाथ धाम में अब दिव्यांग और बुजुर्ग श्रद्धालुओं को लंबी कतारों में इंतजार नहीं करना पड़ेगा। बदरी-केदार मंदिर समिति (बीकेटीसी) ने पहली बार इनके लिए अलग से दर्शन व्यवस्था लागू करने का निर्णय लिया है, जिसके लिए मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) भी तैयार कर ली गई है।
नई व्यवस्था के तहत 70 वर्ष या उससे अधिक आयु के बुजुर्गों और शारीरिक या मानसिक रूप से दिव्यांग श्रद्धालुओं को प्राथमिकता दी जाएगी। दर्शन से पहले उन्हें मंदिर समिति के काउंटर पर पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा। बुजुर्गों को पहचान के लिए आधार कार्ड और दिव्यांगों को प्रमाणपत्र प्रस्तुत करना होगा।
SOP के अनुसार सुबह और शाम के समय में आधा-आधा घंटा विशेष रूप से इन श्रद्धालुओं के लिए निर्धारित किया जाएगा, ताकि वे बिना भीड़ और धक्का-मुक्की के आसानी से दर्शन कर सकें। समिति का मानना है कि इससे यात्रा को अधिक सुगम और व्यवस्थित बनाया जा सकेगा।
इस बीच चारधाम यात्रा में श्रद्धालुओं का उत्साह लगातार बना हुआ है। अब तक 13 लाख से अधिक यात्री दर्शन कर चुके हैं और प्रतिदिन 70 से 80 हजार श्रद्धालु धामों में पहुंच रहे हैं। कठिन मौसम के बावजूद यात्रा सुचारू रूप से जारी है और व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के प्रयास भी लगातार किए जा रहे हैं।