नई दिल्ली- दिल्ली पुलिस के द्वारका जिले में तैनात इंस्पेक्टर सुभाष यादव को सीबीआई ने रिश्वत और कथित वसूली मामले में गिरफ्तार कर लिया है। इंस्पेक्टर की पोस्टिंग नारकोटिक्स सेल में थी और यह कार्रवाई उनके कमरे से बरामद 48.9 लाख रुपये के मामले से जुड़ी बताई जा रही है।
सीबीआई अधिकारियों के मुताबिक, इससे पहले 21 अप्रैल को द्वारका स्थित एंटी नारकोटिक्स सेल कार्यालय में छापेमारी कर हवलदार अजय को रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया था। हालांकि वह मौके से फरार हो गया था, लेकिन बाद में मामले की जानकारी मिलने पर दिल्ली पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर उसे लाइन हाजिर कर दिया गया था।
जांच के दौरान अधिकारियों को इंस्पेक्टर सुभाष यादव के कमरे से करीब 48.9 लाख रुपये नकद मिले थे। सोमवार शाम सीबीआई ने उन्हें उनके घर से गिरफ्तार किया और मंगलवार को राउज एवेन्यू कोर्ट में पेश किया गया। अदालत ने पूछताछ के लिए उन्हें एक दिन की रिमांड पर भेज दिया है।
सीबीआई का कहना है कि जांच का मुख्य उद्देश्य इस पूरे रिश्वत नेटवर्क में इंस्पेक्टर की भूमिका और बरामद नकदी के स्रोत का पता लगाना है। साथ ही उनकी संपत्तियों और आर्थिक लेनदेन की भी जांच की जा रही है।
मामले की शुरुआत उत्तम नगर निवासी एक व्यक्ति की शिकायत से हुई थी। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि 20 अप्रैल को कुछ लोग खुद को नारकोटिक्स विभाग का अधिकारी बताकर उसके घर पहुंचे और जबरन तलाशी ली। आरोप है कि हवलदार अजय ने उसे गांजा मामले में फंसाने की धमकी देकर मोटी रकम की मांग की थी।
शिकायत के अनुसार पहले 25 लाख रुपये मांगे गए थे, लेकिन बाद में इंस्पेक्टर सुभाष यादव से फोन पर बातचीत के बाद रकम घटाकर 15 लाख रुपये कर दी गई। शिकायतकर्ता को पांच लाख रुपये की पहली किस्त देने के लिए कहा गया था। इसी शिकायत के आधार पर सीबीआई ने जाल बिछाकर कार्रवाई की और हवलदार अजय को रिश्वत की रकम लेते हुए गिरफ्तार कर लिया।
जांच एजेंसियों को शक है कि यह मामला किसी बड़े वसूली रैकेट से जुड़ा हो सकता है, जिसमें लोगों को नारकोटिक्स मामलों में फंसाने की धमकी देकर पैसे वसूले जाते थे। जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपियों ने हाल ही में एक महंगी लग्जरी कार भी खरीदी थी।