Breaking News
टिहरी में दर्दनाक सड़क हादसा: गहरी खाई में गिरा यूटिलिटी वाहन, 8 की मौत
टिहरी में दर्दनाक सड़क हादसा: गहरी खाई में गिरा यूटिलिटी वाहन, 8 की मौत
आईपीएल 2026- मुंबई इंडियंस और चेन्नई सुपर किंग्स के बीच मुकाबला आज
आईपीएल 2026- मुंबई इंडियंस और चेन्नई सुपर किंग्स के बीच मुकाबला आज
यात्रा व्यवस्था में लगे कर्मचारी, अधिकारी “अतिथि देवो भव:” की भावना से कार्य करें- महाराज
यात्रा व्यवस्था में लगे कर्मचारी, अधिकारी “अतिथि देवो भव:” की भावना से कार्य करें- महाराज
अमृतसर में बड़ी कार्रवाई: ICE ड्रग्स और हथियारों के साथ 3 तस्कर गिरफ्तार
अमृतसर में बड़ी कार्रवाई: ICE ड्रग्स और हथियारों के साथ 3 तस्कर गिरफ्तार
वीर चंद्र सिंह गढ़वाली और उनके साथियों का बलिदान आने वाली पीढ़ियों को सदैव करता रहेगा प्रेरित- सीएम
वीर चंद्र सिंह गढ़वाली और उनके साथियों का बलिदान आने वाली पीढ़ियों को सदैव करता रहेगा प्रेरित- सीएम
डोमकल में मतदान के दौरान गड़बड़ी के आरोप, चुनाव आयोग ने मांगी रिपोर्ट
डोमकल में मतदान के दौरान गड़बड़ी के आरोप, चुनाव आयोग ने मांगी रिपोर्ट
मुख्यमंत्री धामी ने उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन का जॉलीग्रांट एयरपोर्ट पर किया स्वागत
मुख्यमंत्री धामी ने उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन का जॉलीग्रांट एयरपोर्ट पर किया स्वागत
रुद्रप्रयाग में दर्दनाक हादसा, 250 मीटर गहरी खाई में गिरा वाहन—तीन की मौत
रुद्रप्रयाग में दर्दनाक हादसा, 250 मीटर गहरी खाई में गिरा वाहन—तीन की मौत
महेंद्र पार्क में रंजिश का खूनी अंजाम: 17 साल के किशोर की चाकू से हत्या, 4 नाबालिग पकड़े गए
महेंद्र पार्क में रंजिश का खूनी अंजाम: 17 साल के किशोर की चाकू से हत्या, 4 नाबालिग पकड़े गए

सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: लंबे समय तक काम करने वाले कर्मचारियों को माना जाएगा स्थायी

सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: लंबे समय तक काम करने वाले कर्मचारियों को माना जाएगा स्थायी

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने कर्मचारियों के अधिकारों को लेकर अहम फैसला सुनाते हुए स्पष्ट किया है कि यदि किसी कर्मचारी से लंबे समय तक लगातार काम लिया जाता है, तो उसे अस्थायी नहीं माना जा सकता। कोर्ट ने कहा कि लंबी सेवा अवधि इस बात का प्रमाण है कि उस पद पर स्थायी नियुक्ति की आवश्यकता थी।

न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा और मनमोहन की पीठ ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले को रद्द करते हुए प्रभावित कर्मचारियों की बहाली का आदेश दिया। यह मामला कानपुर नगर निगम के स्विचमैन कर्मचारियों से जुड़ा था, जो 1993 से 2006 तक लगातार कार्यरत रहे थे।

अदालत ने कहा कि 12-13 वर्षों तक निरंतर काम करने वाले कर्मचारियों को अस्थायी बताकर नौकरी से निकालना न्यायसंगत नहीं है। यह अवधि स्वयं इस बात का संकेत है कि वहां स्थायी कार्य और नियमित पद मौजूद था।

इस मामले में एक महत्वपूर्ण पहलू यह भी रहा कि नगर निगम कर्मचारियों की उपस्थिति का रिकॉर्ड पेश नहीं कर सका। कोर्ट ने श्रम न्यायालय के निर्णय को सही ठहराते हुए कहा कि यदि कोई संस्थान आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं करता, तो कर्मचारी के दावे को सही माना जाएगा। कानून में इसे ‘प्रतिकूल अनुमान’ कहा जाता है।

हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने कर्मचारियों की बहाली का आदेश बरकरार रखा है, लेकिन बकाया वेतन के मुद्दे पर पुनर्विचार के लिए मामला दोबारा हाईकोर्ट भेज दिया गया है। अदालत यह जांच करना चाहती है कि नौकरी से हटाए जाने के बाद कर्मचारी कहीं और कार्यरत थे या नहीं।

इस फैसले को देशभर के संविदा और अस्थायी कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है।

वहीं, सुप्रीम कोर्ट में जमीन विवादों को लेकर एक जनहित याचिका भी दायर की गई है, जिसमें राजस्व न्यायिक सेवा स्थापित करने की मांग की गई है। याचिका में कहा गया है कि बड़ी संख्या में भूमि विवाद ऐसे अधिकारियों द्वारा निपटाए जा रहे हैं, जिनके पास पर्याप्त कानूनी प्रशिक्षण नहीं है, जिससे गलत फैसले सामने आ रहे हैं।

याचिकाकर्ता अश्विनी उपाध्याय ने दलील दी है कि देश में लगभग 66% दीवानी मामले जमीन विवादों से जुड़े हैं। ऐसे में इन मामलों के लिए न्यूनतम कानूनी योग्यता और प्रशिक्षण अनिवार्य किया जाना चाहिए। इस मामले में अगली सुनवाई 2 अप्रैल को संभावित है।

याचिका में यह भी कहा गया है कि मौजूदा व्यवस्था के कारण संपत्ति अधिकारों को लेकर अनिश्चितता बनी रहती है, मुकदमे बढ़ते हैं और नागरिकों को न्याय पाने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।

Back To Top